साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल का निर्माण कार्य शुरू, पूर्वोत्तर भारत से जुड़ेगा झारखंड, कारोबार एवं रोजगार से ऐसे बदलेगी आर्थिक तस्वीर

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 03 May 2021 5:37 PM

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Jharkhand News, साहिबगंज न्यूज (नवीन कुमार) : झारखंड के साहिबगंजवासियों की वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतर रही है. दो राज्यों सहित पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाला साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल का निर्माण कार्य साहिबगंज और मनिहारी (कटिहार) से लेकर पूर्णिया तक तेजी से शुरू हो गया है. साहिबगंज से मनिहारी तक गंगा के बीचोंबीच छह किलोमीटर का फोरलेन सड़क पुल बनेगा. इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है. महादेवगंज पेट्रोल पंप के समीप से गंगा पुल का निर्माण कार्य शुरू होकर लालबथानी गंगा घाट से होते हुए उससे आगे बीच गंगा तक निर्माण कार्य जारी है.

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Jharkhand News, साहिबगंज न्यूज (नवीन कुमार) : झारखंड के साहिबगंजवासियों की वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतर रही है. दो राज्यों सहित पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाला साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल का निर्माण कार्य साहिबगंज और मनिहारी (कटिहार) से लेकर पूर्णिया तक तेजी से शुरू हो गया है. साहिबगंज से मनिहारी तक गंगा के बीचोंबीच छह किलोमीटर का फोरलेन सड़क पुल बनेगा. इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है. महादेवगंज पेट्रोल पंप के समीप से गंगा पुल का निर्माण कार्य शुरू होकर लालबथानी गंगा घाट से होते हुए उससे आगे बीच गंगा तक निर्माण कार्य जारी है.

साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल में गंगा में कुल 42 पिलर रहेगा. जिस पर फोरलेन सड़क पुल का निर्माण होगा. गंगा नदी के ऊपर छह किलोमीटर लंबा सड़क पुल 1900 करोड़ की लागत से गंगा पुल सह सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है. ये देश का तीसरा सबसे बड़ा पुल होगा. इस पुल व एनएच की कुल लम्बाई 22 किलोमीटर होगी.

गंगा पुल निर्माण का टेंडर भोपाल की कंपनी दिलीप बिल्डकॉन को मिला है. यह कंपनी 1900 करोड़ की लागत से फोरलेन पुल सह सड़क का निर्माण करेगी. गंगा नदी पर 6 किलोमीटर और दोनों तरफ से एप्रोच रोड के साथ 16 किलोमीटर यानी पुल के साथ सड़क की कुल लंबाई लगभग 22 किलोमीटर होगी. गंगा पुल में 46 पिलर होंगे. कंपनी 10 वर्षों तक पुल का मेंटेनेंस करेगी. झारखंड में साहिबगंज बाईपास को बिहार के मनिहारी बाईपास से जोड़ेगी. कार्य का दायरा 15.885 किलोमीटर नए लिंक एनएच 133बी के निर्माण की परिकल्पना करता है, जिसमें झारखंड को बिहार से जोड़ने वाला 6 किमी लंबा गंगा पुल, 6 किलोमीटर मनिहारी बाईपास का निर्माण और बिहार में नरेनपुर के पास 4 लेन के मानक को समाप्त करने वाला एनएच 131 ए का चौड़ीकरण शामिल है. जिसका निर्माण कार्य जारी है.

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साहिबगंज में गंगा पुल की मांग 1950 से शुरू हुई थी, जब डॉ. विश्वेश्वरैया ने साहिबगंज में आकर कहा था कि साहिबगंज में गंगापुल बन जाने से जिले के लोगों का भाग्य चमक जाएगा. समय बीतता गया. गंगा पुल का मुद्दा राजनीति का शिकार होता चला गया. चुनावी मुद्दा बनता गया. राज्य और केंद्र में कई सरकारें आईं, लेकिन कुछ नहीं हुआ. जिला स्तर पर भी समाजसेवी संगठन और राजनीतिक दल गंगा पुल की मांग करते नजर आए, दर्जनों बार बाजार बंद हुआ. रेल चक्का जाम हुआ. आंदोलन चलता रहा. वहीं वर्ष 2014 में केंद्र में पूर्ण बहुमत की एनडीए की मोदी सरकार और राज्य में भी एनडीए की सरकार सरकार बनी. तब पीएम ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट लांच किया. साहिबगंज जिला को विकसित जिला बनाने के लिए आकांक्षी जिले में शामिल किया गया. स्थानीय विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयास से वर्षों पुरानी मांग को 6 अप्रैल 2017 को साहिबगंज के पुलिस लाइन मैदान की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबगंज मनिहारी गंगापुल का शिलान्यास किया था. लोगों में एक आस जगी कि अब गंगा पुल बन जाएगा. इस गंगापुल का कई बार टेंडर हुआ. सबसे पहले चीन और भारत की कंपनी चेक-सोमा को टेंडर मिला लेकिन भारत और चीन के बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने चीन की कम्पनी का टेंडर रद्द कर दिया. इसके बाद 2020 में गंगा पुल का टेंडर हुआ, जिसमें भोपाल की कंपनी ने टेंडर हासिल किया.

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साहिबगंज मनिहारी फोर लेन गंगा पुल सह सड़क का निर्माण कार्य 31 अक्टूबर 2024 तक पूर्ण होगा. चार साल में कंपनी को पुल का निर्माण पूर्ण करना है. समय की गिनती एक नवंबर 2020 से शुरू हो गई है. वहीं निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग के लिए श्रीरामचौकी मौजा के अंबाडीहा में मुख्य बेस कैंप बना है. वहीं साहिबगंज के किशनप्रसाद दियारा, कटिहार के हवामहल व हसवर में बना है.

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साहिबगंज मनिहारी फोरलेन सड़क सह पुल के बन जाने से पूर्वोत्तर भारत झारखंड से सीधे सीधे जुड़ जाएगा. वहीं पड़ोसी देश नेपाल की दूरी भी कम हो जाएगी. बिहार, ओडिशा, नेपाल, बंगाल, असम सहित अन्य राज्य सीधे जुड़ जाएंगे. व्यापर का मार्ग खुलेगा और रोजगार का साधन बढ़ेगा.

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साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल के निर्माण में कुल 42 पिलर हैं. पिलर जमीन के अंदर 40 मीटर जाएगा. वहीं जमीन के ऊपर 25 मीटर ऊपर रहेगा. उसके बाद बीम और फिर सड़क यानी जमीन से सड़क पुल की ऊंचाई लगभग 30 मीटर रहेगी. अभी कम्पनी की ओर से युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए 8 पिलर का कार्य चालू कर दिया गया है. वहीं गंगा में आगे पिलर का कार्य करने के लिए लालबथानी गंगा घाट से आगे बीच गंगा में मिट्टी भरने और फिर पिलर निर्माण कार्य, पिलर के अंदर से मिट्टी काटने का कार्य चल रहा है. 24 घंटे तीन शिफ्ट में निर्माण कार्य चल रहा है. हजारों की संख्या में कम्पनी के मजदूर, सैकड़ों इंजीनियर, दर्जनों बड़े-बड़े किरान, मशीन, जेसीबी, हाइवा सहित अन्य आधुनिक मशीनों से गंगा पुल सह सड़क निर्माण कार्य चल रहा है. वहीं तीन पानी जहाज की मदद से मनिहारी में भी निर्माण कार्य की सामग्री पहुंचायी जा रही है. पिलर के अलावा बड़े पुलिया का निर्माण कार्य, पुल में लगने वाले बीम का निर्माण कार्य सहित पिलर के लिए छड़ काटने का कार्य, पिलर के लिए छड़ बांधने का कार्य सहित अन्य कार्य युद्ध गति से चल रहा है.

गंगा पुल बनाने में पिलर निर्माण कार्य साहिबगंज और मनिहारी में युद्ध स्तर से चल रहा है. वहीं दोनों जगह हाइवे स्ट्रक्चर, वेल फाउंडेशन, पाइल फाउंडेशन, बॉक्स कलवट का काम चल रहा है. कलवट बनाने का कार्य भी युद्ध स्तर से जारी है. आधुनिक मशीन से पाइलिंग करके धरती के अंदर पिलर ढालने का कार्य किया जा रहा है. पिलर में 42 इंच व 24 इंच सहित आवश्यकतानुसार छड़ का उपयोग करके पिलर का निर्माण कार्य किया जा रहा है.

राजमहल विधायक अनंत ओझा ने कहा कि साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल का निर्माण कार्य युद्ध गति से निर्माणाधीन है. तय समय से पूर्व बनकर तैयार हो जाएगा. पुल बनने से रोजगार का द्वार खुल जाएगा. पूर्वोत्तर राज्य सीधे जुड़ेंगे. पड़ोसी देश भी जुड़ जाएगा. चुनावी वादा जो किया था, वो पूर्ण किया. जिलेवासियों की वर्षों पुरानी मांग को केंद्र की एनडीए की मोदी सरकार ने पूर्ण किया.

गंगा पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरविन्द गुप्ता कहते हैं कि साहिबगंज व कटिहार मनिहारी के लोगों के साथ 30 वर्षों के संघर्ष व आंदोलन की बदौलत साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल निर्माण कार्य शुरू हुआ है. 4 वर्षों में निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है. साहिबगंज और कटिहार मनिहारीवासियों में खुशी है. झारखंड से बिहार एवं नेपाल तक आवागमन सुलभ होगा. व्यापार बढ़ेगा और क्षेत्र में विकास होगा.

भाजपा नेता अमित सिंह कहते हैं कि साहिबगंज मनिहारी गंगा पुल व बन्दरगाह गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और भाजपा की देन है. भाजपा संथाल परगना का चहुंमुखी विकास कर रही है. वर्ष 2010 में निशिकांत दुबे ने सांसद भवन में गंगा पुल बनने को लेकर आवाज उठायी थी. भाजपा की सरकार बनते ही जिले को गंगा पुल और बन्दरगाह की सौगात मिली.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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