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Yogini Ekadashi 2025 कब है? जानें व्रत की सटीक तिथि और शुभ मुहूर्त

Updated at : 17 Jun 2025 7:26 AM (IST)
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Yogini Ekadashi 2025

Yogini Ekadashi 2025

Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी 2025 का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाएगा, जो इस वर्ष 24 जून को पड़ रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत का पालन पापों के नाश और आरोग्यता के लिए किया जाता है. जानिए इसकी सही तिथि और शुभ मुहूर्त.

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Yogini Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. ऐसी मान्यता है कि यदि कोई श्रद्धालु एकादशी के दिन पूरे भक्ति-भाव से व्रत रखता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है, तो उसके जीवन के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है.

योगिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. शास्त्रों के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से उतना ही पुण्य प्राप्त होता है जितना कि 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने से मिलता है. हर वर्ष कुल 24 एकादशियां होती हैं, जो हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में पड़ती हैं. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. श्रद्धालु इस दिन उपवास कर विष्णु सहस्त्रनाम, व्रतकथा और भजन कीर्तन के माध्यम से प्रभु को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं.

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हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी योगिनी एकादशी की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है—कई पंचांगों में यह तिथि 21 जून को बताई जा रही है, तो कुछ में 22 जून को. ऐसे में व्रतधारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इस साल योगिनी एकादशी कब रखी जाएगी और पारण किस दिन होगा? यहां से जानिए 2025 में योगिनी एकादशी की सटीक तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का सही समय.

योगिनी एकादशी 2025 कब है?

इस वर्ष योगिनी एकादशी का पावन व्रत 24 जून 2025, मंगलवार को रखा जाएगा. व्रत का पारण यानी उपवास खोलने का शुभ समय 25 जून को सुबह 5:29 बजे से 8:03 बजे तक रहेगा.

योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों में योगिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक रखने से हजारों गौदान के बराबर फल प्राप्त होता है. यह एकादशी विशेष रूप से पापों के शमन, चर्म रोगों से मुक्ति और दीर्घायु व अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है. इस दिन भगवान विष्णु की आराधना विशेष फलदायक होती है और भक्तों पर उनकी कृपा बनी रहती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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