ePaper

Utpanna Ekadashi 2024: उत्पन्ना एकादशी व्रत इसलिए है विशेष, बन रहे हैं शुभ संयोग

Updated at : 22 Nov 2024 9:57 AM (IST)
विज्ञापन
Utpanna Ekadashi 2024 Shubh Sanyog

Utpanna Ekadashi 2024

Utpanna Ekadashi 2024: शुक्र ग्रह मकर राशि में गोचर करेगा. दिसंबर के अंतिम महीने में शुक्र अपने मित्र शनि की राशि मकर में प्रवेश कर रहा है, जिससे नए साल से पहले तरक्की के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं. मकर राशि में आकर शुक्र गुरु के साथ नवपंचम योग का निर्माण करेगा. गोचर के समय शुक्र का मंगल के साथ समसप्‍तक योग भी बनेगा.

विज्ञापन

Utpanna Ekadashi 2024: हर साल 24 एकादशी व्रत होते हैं, लेकिन उत्पन्ना एकादशी का खास महत्व है. यह व्रत मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है.इस साल यह एकादशी 26 नवम्बर 2024 को है.एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ा है, जो जीवन में सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का रास्ता खोलता है.

Venus Transit 2024: शुक्र करेंगे मकर राशि में गोचर, इन राशियों की पलट सकती है किस्मत

उत्पन्ना एकादशी व्रत तिथि, शुभ मुहूर्त

उत्पन्ना एकादशी 26 नवम्बर 2024 को मनाई जाएगी. एकादशी तिथि 25 नवम्बर 2024 को सुबह 2:38 बजे से शुरू होगी और 26 नवम्बर 2024 को सुबह 3:12 बजे समाप्त होगी.हालांकि, उदय तिथि के अनुसार व्रत 26 नवम्बर को ही रखा जाएगा.

उत्पन्ना एकादशी का व्रत क्यों विशेष है?

इस दिन का महत्व सिर्फ इसलिए नहीं है क्योंकि यह एकादशी व्रत का दिन है, बल्कि यह दिन और भी ज्यादा खास है क्योंकि इस दिन कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है. हस्त नक्षत्र, प्रीति योग और आयुष्मान योग इस दिन बनने वाले प्रमुख योग हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा से अनगिनत पुण्य मिलते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद का आगमन होता है.

उत्पन्ना एकादशी की पूजा विधि

भगवान विष्णु की पूजा
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा से ही शुरू होता है.उन्हें इस दिन विशेष रूप से श्रद्धा और भक्ति से पूजा जाता है.

मंत्र जाप
पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है. इस मंत्र का उच्चारण मन को शांति और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है.

सत्यानारायण कथा
इस दिन सत्यानारायण पूजा का महत्व है.यह कथा सुनने या पढ़ने से पापों का नाश होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है.

तुलसी पूजन
महिलाएं इस दिन तुलसी की पूजा करती हैं. तुलसी को भाग्य, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है, और उसकी पूजा से जीवन में समृद्धि आती है.

इस व्रत को करने से न केवल सुख और समृद्धि मिलती है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी होती है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola