Skand Shashthi 2025 Vrat Katha: आज मनाई जा रही है स्कंद षष्ठी, भगवान कार्तिकेय की उपासना के पावन पर्व में जरूर पढ़ें ये व्रत कथा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 26 Nov 2025 7:55 AM

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स्कंद षष्ठी व्रत कथा

Skand Shashthi 2025 Vrat Katha: स्कंद षष्ठी का पावन पर्व आज पूरे श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है. भगवान कार्तिकेय की कृपा पाने के लिए भक्त व्रत, पूजा और मंत्र-जप करते हैं. मान्यता है कि इस दिन स्कंद षष्ठी की व्रत कथा पढ़ने से कष्टों का नाश होता है और साहस, शक्ति तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है.

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Skand Shashthi 2025 Vrat Katha: भगवान स्कंद, जिन्हें मुरुगन, सुब्रह्मण्य, कार्तिकेय और कुमारस्वामी के नाम से भी जाना जाता है, युद्ध और शक्ति के देवता माने जाते हैं. भक्तों के लिए स्कंद षष्ठी का पर्व अत्यंत शुभ और सिद्धिदायक माना गया है. यह पर्व हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. परंपरा है कि इस दिन भगवान स्कंद के निमित्त व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने पर सुख, समृद्धि, साहस, विजय और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है. इस वर्ष सुब्रह्मण्य षष्ठी का पावन पर्व बुधवार, 26 नवंबर को मनाया जा रहा है.

स्कंद षष्ठी का शुभ मुहूर्त

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 25 नवंबर रात 10:56 बजे से प्रारंभ होकर 27 नवंबर रात 12:01 बजे तक रहेगी. परंपरा के अनुसार, षष्ठी तिथि का उदयकालीन समय श्रेष्ठ माना जाता है. इस अवधि में भगवान कार्तिकेय की पूजा, मंत्र-जप, व्रत और कथा-पाठ अत्यंत फलदायी माने जाते हैं.

स्कंद षष्ठी व्रत और कथा का महत्व

मान्यता है कि स्कंद षष्ठी का व्रत करने से व्यक्ति काम, क्रोध, मोह, अहंकार और असुर-स्वभाव जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से मुक्ति पाता है. भगवान स्कंद की उपासना साहस, आत्मबल और मनोबल प्रदान करती है. इसी लिए पूजा से पहले या पूजा के दौरान स्कंद षष्ठी व्रत कथा सुनना या पढ़ना बहुत शुभ माना जाता है.

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स्कंद षष्ठी कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय असुरों ने देवताओं पर भीषण अत्याचार शुरू कर दिए थे. देवलोक तक पराजित हो चुका था और देवता निराश होकर भगवान ब्रह्मा के पास पहुँचे. ब्रह्मा जी ने बताया कि असुरों का नाश केवल भगवान शिव के पुत्र द्वारा ही संभव है. लेकिन उस समय शिवजी माता सती के वियोग में समाधि में लीन थे.

देवताओं ने शिव को समाधि से जगाने के लिए कामदेव की सहायता ली. कामदेव ने अपने पुष्प-बाण से शिवजी की तपस्या भंग की, जिसके परिणामस्वरूप शिव क्रोधित हुए और अपनी तीसरी आँख खोलकर कामदेव को भस्म कर दिया. तपस्या भंग होने के बाद शिवजी की दृष्टि पार्वती की ओर गई और उनके अनुराग की परीक्षा लेने के बाद शिव–पार्वती का शुभ विवाह संपन्न हुआ.

समय आने पर माता पार्वती से भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ. बड़े होकर उन्होंने असुर तारकासुर का वध किया और देवताओं को पुनः उनका स्थान दिलाया. क्योंकि कार्तिकेय का जन्म षष्ठी तिथि पर हुआ था, इसलिए यह तिथि उनके पूजन के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है.

स्कंद षष्ठी का पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आत्मबल, साहस और आध्यात्मिक शक्ति को जगाने वाला दिन माना जाता है. भक्त विश्वास रखते हैं कि इस व्रत और पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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