Sindoor Ke Niyam: टीके की तरह सिंदूर लगाने से क्या हो सकते हैं दुष्परिणाम

Sindoor Ke Niyam in Hindi (PC: Instagram)
Sindoor Ke Niyam: हिंदू परंपरा में विवाहित महिलाओं के लिए सिंदूर का विशेष महत्व है, जिसे मांग में भरना शुभ माना जाता है. लेकिन इसे माथे पर टीके की तरह लगाने को शास्त्रों में अशुभ बताया गया है. जानें, सिंदूर लगाने के सही नियम और गलत तरीके अपनाने से होने वाले संभावित दुष्परिणाम.
Sindoor Ke Niyam: हिंदू परंपरा में विवाहित महिलाओं के लिए सिंदूर का विशेष स्थान है. यह वैवाहिक सुख, पति की लंबी उम्र और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. सामान्यतः इसे बालों की मांग में भरा जाता है, जो सुहाग की पहचान है. लेकिन आजकल फैशन या अनजाने में कई महिलाएं इसे माथे पर टीके की तरह लगाने लगी हैं, जो शास्त्रों के अनुसार अशुभ माना गया है.
सिंदूर लगाने का सही स्थान और मान्यताएं
मान्यताओं के मुताबिक, सिंदूर हमेशा मांग में ही भरना शुभ होता है. यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने में सहायक होता है. वहीं, माथे पर टीके के रूप में सिंदूर लगाने से इसका शुभ प्रभाव घट सकता है और कभी-कभी नकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं. इससे ग्रहों का संतुलन प्रभावित हो सकता है और दांपत्य जीवन में तनाव या मतभेद बढ़ने की आशंका रहती है.
जानें Vat Savitri Vrat और करवा चौथ में अंतर
आयुर्वेदिक दृष्टि से सिंदूर का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार भी मांग में सिंदूर भरना ही उचित है, क्योंकि यह स्थान मस्तिष्क के ब्रह्मरंध्र और सहस्रार चक्र से जुड़ा होता है. यहां सिंदूर लगाने से मानसिक शांति और ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है, जबकि गलत स्थान पर लगाने से यह प्रवाह बाधित हो सकता है.
सिंदूर लगाने का सही समय और विधि
शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि विवाहित महिलाएं सिंदूर हमेशा शुभ मुहूर्त में, घर के मंदिर में भगवान के सामने बैठकर लगाएं. सिंदूर भरते समय मन में सकारात्मक विचार और पति की दीर्घायु की कामना करनी चाहिए.
पारंपरिक तरीके से सिंदूर भरने का लाभ
इसलिए यदि आप फैशन के कारण सिंदूर को टीके के रूप में लगाती हैं, तो यह आदत छोड़कर पारंपरिक तरीके से मांग में भरें. इससे न केवल धार्मिक और ज्योतिषीय लाभ मिलेगा, बल्कि दांपत्य जीवन में सुख और सौभाग्य भी स्थायी रहेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By शौर्य पुंज
मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










