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Shardiya Navratri 2025: इस नवरात्रि भूल कर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना पूजा नहीं होगी सफल

Updated at : 20 Sep 2025 12:58 PM (IST)
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Navratri

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Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू हो रहा है. इस दिन मां दुर्गा हाथी पर विराजमान होकर अपने भक्तों के बीच आएंगी और नौवें दिन पालकी पर विदा होंगी. इन नौ दिनों में माता की विशेष पूजा, व्रत और नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है. इस दौरान इस तरह की गलती से बचें.

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Shardiya Navratri 2025: इस नवरा​त्रि के पहले दिन मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जबकि नौवें दिन उनका प्रस्थान पालकी में होगा. इस नौ दिवसीय पर्व में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा और व्रत रखे जाते हैं. मान्यता है कि इन दिनों कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन हर भक्त को करना चाहिए. यदि कोई इन नियमों की अनदेखी करता है, तो माता क्रोधित हो सकती हैं और पूजा का सही लाभ नहीं मिलता. इसलिए नवरात्रि के दौरान कुछ सावधानियां बरतना अत्यंत आवश्यक है. अब सवाल यह उठता है कि नवरात्रि में कौन-कौन से काम किए जाएं और किनसे बचा जाए. आइए इसे विस्तार से जानें.

इन गलतियों को करने से बचें

घर खाली न छोड़ें: अगर आपके घर में कलश स्थापना हुई है तो इस समय में घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए. किसी न किसी सदस्य का घर में मौजूद होना आवश्यक है. इससे नवरात्रि की पूजा का पूरा लाभ मिलता है.

 नींबू का प्रयोग न करें: नवरात्रि में नींबू काटने या खाने से बचें. माना जाता है कि नींबू काटना बलि देने के समान है. इसलिए इस समय इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

वर्जित भोजन: इस दौरान लहसुन, प्याज, मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. जो भक्त इन चीजों का सेवन करते हैं, उनसे माता रानी नाराज हो सकती हैं.

नाखून और कपड़े: नवरात्रि में नाखून नहीं काटें. इसे पूजा के अशुभ संकेत के रूप में माना जाता है. साथ ही, काले रंग के कपड़े पहनने से भी बचें.

ब्रह्मचर्य का पालन करें: नवरात्रि के पवित्र नौ दिनों में पुरुष और महिलाएं दोनों को संयम का पालन करना चाहिए. ऐसा करने से माता का आशीर्वाद घर पर बना रहता है और जीवन में कोई बड़ी परेशानियां नहीं आतीं.

इस तरह करें पूजा

रोज सुबह और शाम मां की आरती करना और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना पूजा को पूर्ण बनाता है. इसके साथ ही श्रद्धा और भक्ति भाव से माता को प्रणाम करना जरूरी है. यह सभी क्रियाएं न केवल माता की प्रसन्नता सुनिश्चित करती हैं बल्कि घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि भी लाती हैं. पूजा के समय मन को शांत और एकाग्र रखना चाहिए. केवल रीति-रिवाजों का पालन करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि माता के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस तरह से नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है.

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JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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