ePaper

Sawan 2025: शिवभक्ति में रंग लाती हैं हरी चूड़ियां, सावन में जानिए इसका महत्त्व

Updated at : 30 Jun 2025 7:16 AM (IST)
विज्ञापन
sawan 2025: Importance of green bangles

sawan 2025: Importance of green bangles

Sawan 2025: सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का प्रतीक है. इस दौरान महिलाएं हरी चूड़ियां पहनती हैं, जो सौभाग्य, श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक मानी जाती हैं. यह परंपरा न सिर्फ धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि मानसिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भी जुड़ी होती है.

विज्ञापन

Sawan 2025: हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यंत पवित्र और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है. यह समय भगवान शिव की उपासना का होता है, जब भक्त विशेष पूजा, व्रत और उपवास के माध्यम से शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं. खासतौर पर महिलाओं के लिए यह महीना भक्ति, सौभाग्य और श्रद्धा से भरा हुआ होता है. इस दौरान हरी चूड़ियां पहनना एक ऐसी परंपरा है जो न केवल आकर्षक लगती हैं, बल्कि गहरे धार्मिक और मानसिक महत्व से भी जुड़ी हुई हैं.

हरा रंग: प्रकृति और समृद्धि का संदेश

हरा रंग जीवन, हरियाली और उर्वरता का प्रतीक माना जाता है. सावन के मौसम में जब पूरी प्रकृति हरियाली में डूबी होती है, तब महिलाएं भी हरे वस्त्र, गहने और चूड़ियां पहनकर उसी ऊर्जा को आत्मसात करती हैं. यह न केवल सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि मन में नवीनता, सकारात्मकता और सौभाग्य की भावना भी लाता है.

सुहाग और वैवाहिक सुख की रक्षा

भारतीय संस्कृति में चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं. विशेष रूप से सावन के सोमवार को जब महिलाएं भगवान शिव का व्रत रखती हैं, उस दिन हरी चूड़ियों का पहनना शुभ और मंगलकारी माना गया है. मान्यता है कि इससे पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

पौराणिक आस्था

पुराणों के अनुसार, माता पार्वती ने सावन के महीने में भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था. तप के दौरान उन्होंने हरे वस्त्र और हरी चूड़ियां धारण की थीं. इसी श्रद्धा और परंपरा को आज की महिलाएं भी अपनाती हैं, ताकि उन्हें भी पार्वती जैसी अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त हो.

मानसिक संतुलन और ऊर्जा

हरी चूड़ियों की खनक न केवल मन को प्रसन्न करती है, बल्कि यह शरीर की नाड़ियों पर सकारात्मक प्रभाव डालती है. आयुर्वेद और एक्यूप्रेशर के अनुसार, इससे मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति को शांति मिलती है. हरे रंग की चूड़ियां मन की ताजगी और स्थिरता का भी प्रतीक मानी जाती हैं.

सावन में हरी चूड़ियों का पहनना केवल एक पारंपरिक सौंदर्य की बात नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक आस्था, मानसिक शांति और वैवाहिक सौभाग्य का गहरा प्रतीक है. यह परंपरा महिलाओं के श्रद्धा, प्रेम और आत्मिक संतुलन को दर्शाती है, जिसे हर वर्ष सावन में पूरे भाव से निभाया जाता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola