आज अक्षय तृतीया से शुरू हो रही है चंदन यात्रा की पवित्र परंपरा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 19 Apr 2026 1:26 PM

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जगन्नाथ पुरी की चंदन यात्रा आज से आरंभ

Jagannath Puri Rath Yatra: जगन्नाथ पुरी की चंदन यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू होकर 42 दिनों तक चलती है. इसमें भगवान को चंदन लेप कर गर्मी से राहत देने की परंपरा निभाई जाती है.

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Jagannath Puri Rath Yatra: ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में मनाई जाने वाली चंदन यात्रा एक अत्यंत पवित्र और भव्य उत्सव है. यह उत्सव लगभग 42 दिनों तक चलता है और भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र होता है. इस दौरान मंदिर में विशेष तैयारियां की जाती हैं और देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं. चंदन यात्रा दो भागों—बाहरी (बहार) और भीतरी (भीतर)—में मनाई जाती है.

अक्षय तृतीया से होती है शुरुआत

चंदन यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के दिन होता है. इसी दिन एक महत्वपूर्ण परंपरा ‘रथ अनुकूल’ भी निभाई जाती है, जिसमें भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए लकड़ी पर पहली कुल्हाड़ी चलाई जाती है. यह रथ निर्माण की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है. परंपराओं के अनुसार, यह उत्सव भगवान को गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से मनाया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में भगवान को चंदन का लेप लगाया जाता है.

संत माधवेंद्र पुरी से जुड़ी परंपरा

चंदन यात्रा की परंपरा महान संत माधवेंद्र पुरी की भक्ति से भी जुड़ी हुई है. मान्यता है कि भगवान ने उन्हें स्वप्न में आकर चंदन लाने का आदेश दिया था. तभी से भगवान के श्रीविग्रह पर चंदन का लेप लगाने की यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई जाती है.

चंदन यात्रा के दो प्रमुख भाग

यह उत्सव दो चरणों में मनाया जाता है—बहार चंदन और भीतर चंदन. बहार चंदन यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू होकर 21 दिनों तक चलती है. इस दौरान भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए रथों का निर्माण किया जाता है और मुख्य देवताओं की प्रतिनिधि मूर्तियों की पूजा की जाती है. इन मूर्तियों को शोभायात्रा के रूप में नरेंद्र तीर्थ तक ले जाया जाता है.

इसके बाद अगले 21 दिनों तक भीतर चंदन यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें कई विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं. इस अवधि में अमावस्या, पूर्णिमा, षष्ठी और शुक्ल पक्ष की एकादशी जैसे अवसरों पर विशेष सवारियां निकाली जाती हैं.

चंदन यात्रा का उद्देश्य

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख और ज्येष्ठ के महीनों में अत्यधिक गर्मी पड़ती है. ऐसे में भगवान जगन्नाथ को ठंडक पहुंचाने के लिए उनके विग्रह पर चंदन का लेप लगाया जाता है. भक्त भी इस दौरान विभिन्न सेवाओं के माध्यम से भगवान को गर्मी से राहत देने का प्रयास करते हैं.

रथयात्रा से जुड़ा संबंध

चंदन यात्रा का सीधा संबंध प्रसिद्ध रथयात्रा से भी है, जिसकी शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 16 जुलाई को मनाया जाएगा. इस प्रकार चंदन यात्रा भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा की तैयारियों का प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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