ePaper

Sawan 2025 के सोमवार को शिवजी पर बेलपत्र चढ़ाते समय न भूलें ये बातें

Updated at : 03 Jul 2025 7:30 AM (IST)
विज्ञापन
Sawan 2025 belpatra rules

Sawan 2025 belpatra rules

Sawan 2025: सावन 2025 में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर सोमवार के दिन। शिवजी पर बेलपत्र चढ़ाना शुभ माना जाता है, लेकिन इसे चढ़ाते समय कुछ विशेष नियमों का पालन आवश्यक होता है। आइए जानें बेलपत्र अर्पित करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

विज्ञापन

 Sawan 2025: सावन मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है. इस महीने भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, भस्म, धतूरा, आक और विशेष रूप से बेलपत्र (बिल्वपत्र) अर्पित करते हैं. माना जाता है कि बेलपत्र शिवजी को अत्यंत प्रिय है, लेकिन यदि इसे चढ़ाते समय सही नियमों का पालन न किया जाए, तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. आइए जानते हैं कि बेलपत्र अर्पण करते समय किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:

बेलपत्र की शुद्धता जरूरी

हमेशा स्वच्छ, हरे और ताजे बेलपत्र ही चढ़ाएं. मुरझाए, सूखे या कीट लगे पत्ते शिव पूजन में वर्जित माने जाते हैं.

त्रिपत्र बेलपत्र ही अर्पित करें

ऐसे बेलपत्र चुनें जिनमें तीन पत्तियां जुड़ी हों. यह त्रिदेवों और त्रिगुणों का प्रतीक माना जाता है और शिव पूजा में अत्यंत फलदायी होता है.

 सावन माह की इस तारीख को मनाई जाएगी नाग पंचमी, जानें पूजा मुहूर्त और महत्व

कटे-फटे पत्ते न चढ़ाएं

बेलपत्र पर किसी प्रकार का छेद, चीरा या फटाव नहीं होना चाहिए. अपूर्ण बेलपत्र पूजा में निषिद्ध होते हैं.

डंडी (डंठल) हटाकर ही अर्पण करें

बेलपत्र की डंडी निकालकर ही शिवलिंग पर चढ़ाएं. मान्यता है कि डंडी सहित बेलपत्र चढ़ाना शिवजी को अप्रिय होता है.

बेलपत्र चोरी से न लाएं

बेलपत्र हमेशा श्रद्धा से स्वयं तोड़ें. तोड़ते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और पेड़ से क्षमा याचना करें.

पूर्व में चढ़ाया गया बेलपत्र फिर उपयोग न करें

जो बेलपत्र पहले ही चढ़ चुका हो, उसे दोबारा उपयोग में लेना अनुचित होता है. हर बार नया और शुद्ध बेलपत्र ही अर्पित करें.

सावन के सोमवार का विशेष महत्त्व

सावन के सोमवार को बेलपत्र चढ़ाने का विशेष पुण्य माना गया है. इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें.

सावन कब से हो रहा है शुरू ?

सावन मास की शुरुआत हर वर्ष आषाढ़ पूर्णिमा के बाद होती है और इसका समापन भाद्रपद अमावस्या के दिन होता है. वर्ष 2025 में सावन मास 10 जुलाई (गुरुवार) से आरंभ होकर 8 अगस्त (शुक्रवार) को समाप्त होगा. इस एक महीने की अवधि को भगवान शिव की भक्ति और व्रत-उपवास के लिए अत्यंत पावन माना जाता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola