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Nag Panchami 2025: सावन माह की इस तारीख को मनाई जाएगी नाग पंचमी, जानें पूजा मुहूर्त और महत्व

Updated at : 03 Jul 2025 6:25 AM (IST)
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Nag Panchmi 2025 Exact Date

Nag Panchmi 2025 Exact Date

Nag Panchami 2025: नाग पंचमी 2025 का पर्व सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता, भगवान शिव और मनसा देवी की पूजा की जाती है. आइए जानें नाग पंचमी 2025 की तिथि, पूजन मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व.

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Nag Panchami Kab Hai: हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता, भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है. इसे मनसा देवी अष्टांग पूजा के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें आठ प्रमुख नागों के साथ नाग देवी मनसा देवी की भी आराधना की जाती है. लोकमान्यता है कि नाग पंचमी के दिन सर्प की प्रतिमाओं या चित्रों को अर्पित की गई सामग्री सीधे नाग देवता तक पहुंचती है. धार्मिक विश्वास यह भी है कि इस दिन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है. आइए जानें, इस वर्ष नाग पंचमी 2025 की तिथि, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त क्या हैं.

कब है नाग पंचमी( Nag Panchami Kab Hai)

इस वर्ष नाग पंचमी का पावन पर्व 29 जुलाई 2025, मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा कर भक्त आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं.

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नाग पंचमी 2025 का पूजन मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि की शुरुआत 28 जुलाई 2025 को रात 11:24 बजे होगी और इसका समापन 30 जुलाई 2025 को सुबह 12:46 बजे होगा. पूजा के लिए 29 जुलाई 2025 को सुबह 5:41 से 8:23 बजे तक का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है.

नाग पंचमी का महत्व

नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक नाग पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. साथ ही, यह दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है.

इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करना लाभकारी होता है. साथ ही, निम्न मंत्रों का 108 बार जाप करना विशेष फलदायी माना गया है:

“ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”

“ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः”

इन मंत्रों के जाप से राहु-केतु से संबंधित दोषों का प्रभाव कम हो सकता है.

इसके अतिरिक्त, नाग पंचमी के दिन माथे पर तिलक लगाना भी शुभ माना जाता है. यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में सहायक माना गया है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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