ePaper

Sawan 2025 में रुद्राभिषेक और मंत्र जाप से कैसे बढ़ेगा आध्यात्मिक बल

Updated at : 11 Jul 2025 1:13 PM (IST)
विज्ञापन
sawan 2025 rudrabhishek

sawan 2025 rudrabhishek

Sawan 2025: सावन 2025 का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. इस पवित्र काल में रुद्राभिषेक और मंत्र जाप से साधकों के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा का जागरण होता है. यह साधना न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि आत्मिक बल और सकारात्मकता भी प्रदान करती है.

विज्ञापन

Sawan 2025: सावन का पावन महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे शुभ और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है. यह समय शिवभक्तों के लिए श्रद्धा, उपासना और आत्मिक शुद्धि का अनुपम अवसर लेकर आता है. इस वर्ष सावन 2025 की शुरुआत 11 जुलाई, शुक्रवार से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त, शनिवार को होगा.

श्रावण मास में शिवलिंग पर जल अर्पण, ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और विशेष रूप से रुद्राभिषेक करवाना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इस मास में की गई सच्ची शिवभक्ति से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है.

सावन 2025 की प्रमुख तिथियां

  • सावन का आरंभ: 11 जुलाई 2025 (शुक्रवार)
  • सावन का समापन: 9 अगस्त 2025 (शनिवार)

चार सावन सोमवार

  • पहला सोमवार: 14 जुलाई
  • दूसरा सोमवार: 21 जुलाई
  • तीसरा सोमवार: 28 जुलाई
  • चौथा सोमवार: 4 अगस्त

सावन में रुद्राभिषेक का महत्व

रुद्राभिषेक भगवान शिव की अत्यंत प्रभावशाली पूजा विधि है, जिसमें उन्हें ‘रुद्र’ रूप में प्रसन्न किया जाता है. यह पूजा विशेष रूप से मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याओं, ग्रह दोष और जीवन की रुकावटों को दूर करने में सहायक मानी जाती है. सावन में रुद्राभिषेक से पापों का नाश होता है और व्यक्ति मोक्ष की ओर अग्रसर होता है.

रुद्राभिषेक एवं विशेष व्रत-त्योहार की तिथियां

  • पहला सावन सोमवार – 14 जुलाई
  • दूसरा सावन सोमवार – 21 जुलाई
  • तीसरा सावन सोमवार – 28 जुलाई
  • चौथा सावन सोमवार – 4 अगस्त
  • मासिक शिवरात्रि – 21 जुलाई
  • नाग पंचमी – 29 जुलाई
  • भौम प्रदोष व्रत – 22 जुलाई
  • बुध प्रदोष व्रत – 6 अगस्त

सावन में पूजा विधि (Puja Vidhi)

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • शिवलिंग का जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक करें.
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से पूजा करें.
  • ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें.
  • बेलपत्र, सफेद फूल, धतूरा, और मिठाई शिवलिंग पर अर्पित करें.
  • पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और मानसिक शांति बनाए रखें.

सावन का महीना भगवान शिव की कृपा पाने का सर्वोत्तम समय है. इस अवसर पर व्रत, पूजा और रुद्राभिषेक के माध्यम से आप अपने जीवन की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकते हैं और आत्मिक शुद्धि प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषीय सलाह और पूजा से संबंधित जानकारी हेतु संपर्क करें:
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594 / 9545290847

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola