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Sawan 2025 में हो रहे ज्योतिष योग, इन मंत्रों से मिलेगा अपार लाभ

Updated at : 03 Jul 2025 5:03 PM (IST)
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Sawan 2025

Sawan 2025

Sawan 2025 : यदि आप इस समय को मंत्र, व्रत, योग और ध्यान से साधते हैं, तो जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरूकता का वास संभव है.

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Sawan 2025 : सावन का महीना शिव भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार सावन में कई बेहद शुभ और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं. इन विशेष योगों में यदि भक्त सच्चे मन से शिव साधना, मंत्र-जप और योगाभ्यास करें, तो उन्हें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों ही स्तरों पर अत्यंत लाभ प्राप्त हो सकता है, यहां हम आपको सावन में बन रहे खास ज्योतिष योगों और उनसे जुड़े लाभकारी उपायों की जानकारी दे रहे हैं:-

– त्रिपुष्कर, अमृत सिद्धि और रवि योग का दुर्लभ मेल

इस सावन में त्रिपुष्कर योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं. ये योग विशेष कार्यों, पूजा-पाठ और संकल्प के लिए उत्तम माने जाते हैं.
क्या करें

– शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें

महामृत्युंजय मंत्र या “ओम नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें
इन दिनों में किया गया जाप विशेष फलदायी होता है और जीवन की रुकावटें दूर होती हैं.

– पूर्णिमा और प्रदोष व्रत से मिलेगा पुण्य और शांति

सावन की गुरु पूर्णिमा, श्रावण पूर्णिमा और प्रदोष व्रत का अत्यंत धार्मिक महत्व होता है. इन तिथियों पर उपवास, शिव चालीसा का पाठ और रुद्राभिषेक करने से पापों का क्षय होता है.
उपाय: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, साफ वस्त्र धारण कर शिव ध्यान करें.

– सावन सोमवार व्रत और पंचाक्षरी मंत्र का प्रभाव

हर सोमवार शिव जी को समर्पित व्रत रखें और पंचामृत से अभिषेक करें.
मंत्र: “ओम नमः शिवाय”
योगासन: व्रत के दौरान वज्रासन या पद्मासन में बैठकर मंत्र जाप करें। इससे मन की एकाग्रता बढ़ती है और आत्मिक शुद्धि होती है.

– नक्षत्रों का प्रभाव – आश्लेषा, मघा और श्रवण नक्षत्र में करें शिव उपासना

इन नक्षत्रों में की गई शिव पूजा विशेष रूप से तांत्रिक दोष, ग्रह बाधा और मानसिक अशांति को दूर करती है.
मंत्र योग: “ओम रुद्राय नमः” का जाप करें.
विशेष दिन: जब चंद्रमा आश्लेषा, मघा या श्रवण नक्षत्र में हो, उस दिन रात्रि ध्यान विशेष फल देता है.

– प्राणायाम और ध्यान से मानसिक शांति और दिव्यता

सावन में रोज़ाना ध्यान और प्राणायाम करने से शरीर व मन दोनों में संतुलन बना रहता है.
क्या करें.

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सावन 2025 में बन रहे ये विशेष ज्योतिषीय योग शिव भक्ति के लिए स्वर्ण अवसर हैं. यदि आप इस समय को मंत्र, व्रत, योग और ध्यान से साधते हैं, तो जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरूकता का वास संभव है. इस पवित्र काल को व्यर्थ न जाने दें — यह समय है स्वयं से जुड़ने का, शिव से मिलने का.

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Ashi Goyal

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By Ashi Goyal

Ashi Goyal is a contributor at Prabhat Khabar.

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