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Sawan Somwar 2022: कल है सावन का पहला सोमवार, जानें श्रावण पूजन सामग्री और उनसे होने वाले लाभ

Updated at : 17 Jul 2022 10:46 AM (IST)
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Sawan Somwar 2022: कल है सावन का पहला सोमवार, जानें श्रावण पूजन सामग्री और उनसे होने वाले लाभ

Sawan Somwar 2022: 18 जुलाई को सावन का पहला सोमवार पड़ेगा. सावन के पहले सोमवार को और भी खास बनाने के लिए इस दिन शोभन योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि इस शुभ योग में व्रत और पूजा अनुष्ठान करने पर स्वयं भगवान शिव जातकों पर सौभाग्य की वर्षा करते हैं.

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Sawan Somwar 2022: इस साल 14 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो गया है. यह पूरा महीना भगवान शिव (Lord Shiv Puja) को समर्पित है और इस दौरान विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया जाता है. मान्यता है कि इस महीने जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा व सोमवार व्रत रखता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

सावन सोमवार 2022 डेट (Sawan Somwar 2022 Date Calendar)

  • पहला सावन सोमवार- 18 जुलाई 2022

  • दूसरा सावन सोमवार- 25 जुलाई 2022

  • तीसरा सावन सोमवार- 1 अगस्त 2022

  • चौथा सावन सोमवार- 8 अगस्त 2022

  • पांचवा सावन सोमवार- 12 अगस्त 2022

सावन सोमवार की पूजन सामग्री और लाभ (Sawan Somvar 2022 Puja Samagri List and Benefit)

  • कच्चा दूध – सावन सोमवार की पूजा में शिव को दूध चढ़ाया जाए तो उससे उत्तम स्वास्थ लाभ मिलता है.

  • दही – सावन सोमवार पर शिवलिंग को दही अर्पित करने से स्वभाव में गंभीरता आती है.

  • घी – शिवलिंग पर घी अर्पित करने से हमारी शक्ति बढ़ती है.

  • शहद – भोलेनाथ को शहद चढ़ाने से हमारी वाणी में मिठास आती है.

  • भांग – भांग भोलेनाथ को अर्पित करने से हमारी बुराइयां दूर होती हैं.

  • शक्कर- शक्कर चढ़ाने से सुख और समृद्धि बढ़ती है.

  • केसर – केशर अर्पित करने से हमें सौम्यता प्राप्त होती है.

  • चंदन – शिवजी को चंदन चढ़ाने से समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है.

  • धतूरा – पुराण के अनुसार शिव ने सागर मंथन से निकले विष को पी लिया था. जिसके बाद धतूरा, भांग, बेल आदि औषधियों से उनकी व्याकुलता दूर की थी.

  • बेलपत्र – बेलपत्र शिव का ही रूप माना गया है, बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक हैं.

  • अक्षत – अक्षत के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है.

  • भस्म – शरीर पर भस्म रमा कर भगवान शिव खुद को मृत आत्मा से जोड़ते हैं.

  • रुद्राक्ष – शिव जी और रुद्राक्ष एक दूसरे के पर्याय हैं. रुद्राक्ष में शिव का वास होता है.
    शमी के पत्ते, इत्र, शक्कर, गंगाजल, गन्ने का रस, पान का पत्ता, लौंग, इलायची, फल, कपूर, धूप, दीप

  • शिव के प्रिय फूल (कनेर, हरसिंगार,धतूर के पुष्प, आक आदि)

सावन सोमवार 2022 पूजन विधि

सावन के सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और फिर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें. इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषे करें. जलाभिषेक के लिए जल में गंगाजल और दूध मिलाएं. साथ ही शहद और शक्कर भी चढ़ाएं. फिर बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं. भगवान शिव को बेलपत्र और धतूरा प्रिय हैं, इसलिए पूजा करते समय इन्हें अर्पित करना ना भूलें. फिर घी का दीपक जलाएं और भगवान भोलेनाथ की अराधना करें. पूजा करते समय ‘ऊँ नमः शिवाय’ का जाप करते रहें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि www.prabhatkhabar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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