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5 मई को रखा जाएगा रवि प्रदोष व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Updated at : 26 Apr 2024 5:01 PM (IST)
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Ravi Pradosh Vrat 2024

Ravi Pradosh Vrat 2024

Ravi Pradosh Vrat 2024: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है. आने वाले ये व्रत रविवार को है इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है. आइए जानें इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

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Ravi Pradosh Vrat 2024: रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक विशेष व्रत है जो हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. 5 मई 2024 को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रविवार को पड़ रही है, इसलिए इस दिन रवि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा.

Ravi Pradosh Vrat 2024: शुभ मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 5 मई 2024, शाम 05:41 बजे

त्रयोदशी तिथि समाप्त: 6 मई 2024, दोपहर 02:40 बजे

प्रदोष काल: 5 मई 2024, शाम 06:33 बजे से 08:57 बजे

भोजन ग्रहण का समय: 5 मई 2024, शाम 08:57 बजे के बाद (वैकल्पिक रूप से सूर्योदय से पहले भी ग्रहण किया जा सकता है)

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Ravi Pradosh Vrat 2024: पूजा विधि

प्रातः स्नान: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें.

संकल्प: भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें.

शिव पूजा: प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करें. गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और फूलों से शिवलिंग का अभिषेक करें. बेलपत्र, धतूरा, फल और मिठाई अर्पित करें. घी का दीपक जलाएं और धूप करें.

मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें.

कथा: शिव-पार्वती की कथा पढ़ें या सुनें.

आरती: भगवान शिव की आरती गाएं.

भोजन: प्रदोष काल समाप्त होने के बाद ही भोजन ग्रहण करें. नमक रहित भोजन ग्रहण करें.

Ravi Pradosh Vrat 2024: महत्व

मनोकामना पूर्ति: मान्यता है कि रवि प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

पाप नाश: यह व्रत पापों का नाश करने वाला माना जाता है.

ग्रह दोष: यह व्रत ग्रह दोषों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है.

सुख-समृद्धि: इस व्रत को रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

संतान प्राप्ति: संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत बहुत लाभकारी माना जाता है.

रवि प्रदोष व्रत मे क्या करना चाहिए ?

सत्य बोलना चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए.
दिन भर में केवल एक बार ही भोजन ग्रहण करना चाहिए.
क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या आदि नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए.
ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

रवि प्रदोष व्रत मे क्या नहीं करना चाहिए ?

इस दिन मांसाहार, शराब और लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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