ePaper

आज रवि प्रदोष व्रत पर करें शिवजी के इन मंत्रों का पाठ, जानें अर्थ

Updated at : 01 Mar 2026 6:24 AM (IST)
विज्ञापन
आज रवि प्रदोष व्रत पर करें शिवजी के इन मंत्रों का पाठ, जानें अर्थ

Ravi Pradosh Vrat 2026: कल यानी 1 मार्च 2026 को रखा जाएगा प्रदोष व्रत. त्रयोदशी तिथि में प्रदोष काल के दौरान शिव पूजा और मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य, शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है.

विज्ञापन

Pradosh Vrat Mantra: हर माह की त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होती है. इस दिन शिव भक्त प्रदोष व्रत रखते हैं और संध्या समय यानी प्रदोष काल में विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं. माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और मंत्र जाप से विशेष फल मिलता है.

मार्च 2026 का पहला प्रदोष व्रत आज 1 मार्च को रखा जा रहा है. इस दिन शिव आराधना और मंत्र जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है.

प्रदोष व्रत की तिथि और समय

हिंदू पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 28 फरवरी को सुबह 8 बजकर 43 मिनट से शुरू हो चुकी है और 1 मार्च को शाम 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगी. प्रदोष व्रत हमेशा त्रयोदशी तिथि में आने वाले प्रदोष काल में किया जाता है. 1 मार्च की शाम को त्रयोदशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए व्रत 1 मार्च को रखा जा रहा है. प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का वह समय होता है जब दिन और रात का मिलन होता है. इस संधिकाल में भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

प्रदोष व्रत में जपने वाले प्रमुख मंत्र

प्रदोष व्रत के दिन शिव मंत्रों का जाप बहुत लाभकारी होता है. कुछ प्रमुख मंत्र इस प्रकार हैं—

ॐ नमः शिवाय

अर्थ: भगवान शिव को मेरा नमस्कार.

ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः

अर्थ: माता पार्वती और भगवान शिव को प्रणाम.

ॐ नमो भगवते रुद्राय

अर्थ: भगवान रुद्र को मेरा नमन.

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

अर्थ: हम त्रिनेत्रधारी शिव की पूजा करते हैं. वे हमें मृत्यु के भय से मुक्त करें और अमरता प्रदान करें.

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

अर्थ: हम महादेव का ध्यान करते हैं, वे हमें ज्ञान और सही मार्ग की प्रेरणा दें.

ॐ हौं जूं सः

यह शिव का बीज मंत्र है, जो उनकी दिव्य शक्ति को दर्शाता है.

ये भी पढ़ें: रवि प्रदोष पर विशेष संयोग, मेष से मीन तक करें ये असरदार उपा

ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च…

अर्थ: सुख और कल्याण देने वाले शिव को प्रणाम.

ॐ ह्रीं अर्धनारीश्वराय नमः

अर्थ: शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप को नमस्कार.

ये भी पढ़ें: रवि प्रदोष पर विशेष संयोग, मेष से मीन तक करें ये असरदार उपाय

पूजा का महत्व

प्रदोष व्रत के दिन उपवास, शिवलिंग पर जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और मंत्र जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है. जो भक्त सच्ची श्रद्धा से यह व्रत रखते हैं, उन्हें सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है. 1 मार्च की संध्या को शिव पूजा अवश्य करें और प्रदोष काल का लाभ उठाएं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola