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Premanand Ji Maharaj: इन लोगों के पैर छूने से नष्ट हो जाते हैं सारे पुण्य? जानें क्या कहते हैं प्रेमानंद महाराज

Updated at : 02 Jan 2026 1:50 PM (IST)
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Premanand Ji Maharaj

प्रेमानंद जी महाराज

Premanand Ji Maharaj: भारत में बड़ों और शिक्षकों के पैरों को छूकर आशीर्वाद लेने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं माना जाता. कहा जाता है कि जब हम किसी के पैरों को छूते हैं, तो उनके पुण्य का नाश होता है. ऐसे में सवाल उठता है कि शिक्षक और बड़े-बुजुर्ग क्या करें, ताकि उनका पुण्य भी नष्ट न हो और छोटे लोग उनके प्रति आदर और प्रेम बेफिक्र होकर प्रकट कर सकें.

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Premanand Ji Maharaj: हिंदू धर्म में शिक्षकों को भगवान के समान माना जाता है. छात्रों को बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि गुरु का हमेशा आदर और सम्मान करना चाहिए. इसी सम्मान भाव से कई बार छात्र अपने शिक्षकों के पैरों को छूते हैं. लेकिन अक्सर यह भी कहा जाता है कि किसी के पैरों को छूने से उनके पुण्य नष्ट हो जाते हैं. ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि जब छात्र आदर के भाव से शिक्षकों के पैर छूते हैं, तो क्या इससे उनके पुण्य नष्ट हो जाते हैं?

महिला शिक्षिका ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा सवाल

एक महिला शिक्षिका ने पत्र के माध्यम से प्रेमानंद जी महाराज से यह सवाल किया. उन्होंने लिखा कि वह एक शिक्षिका हैं और कई बार छात्र उनके पैरों को छूते हैं. वह उन्हें मना भी करती हैं, लेकिन छात्र नहीं मानते. ऐसे में उन्हें चिंता रहती है कि कहीं इससे उनके पुण्य नष्ट तो नहीं हो जाते.

प्रेमानंद जी महाराज का जवाब

इस सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि हाँ, सामान्य स्थिति में ऐसा करने से पुण्य नष्ट हो सकता है. लेकिन इसका एक आध्यात्मिक समाधान भी है.

पुण्य नष्ट होने से कैसे बचें?

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, यदि छात्र के पैर छूने से पहले ही शिक्षक मानसिक रूप से उसे प्रणाम कर लें, तो पुण्य नष्ट नहीं होता. उनका कहना है कि हर इंसान में भगवान का वास होता है, इसलिए किसी से अपने पैर नहीं छुवाने चाहिए.

सम्मान भी रहे और पुण्य भी सुरक्षित

यदि कोई व्यक्ति आपके मना करने के बावजूद श्रद्धा और सम्मान के साथ आपको प्रणाम करता है और आपके पैर छूता है, तो उसके ऐसा करने से पहले मन ही मन भगवान का स्मरण करते हुए उसे प्रणाम कर लें. ऐसा करने से आपका पुण्य भी बना रहता है और सामने वाले का सम्मान भी बना रहता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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