1. home Hindi News
  2. religion
  3. panchak june 2021 from 28 june to 3 july panchak kya hota hai kab lagega kya nahi karna chaiye kya shubh karya karna chaiye smt

Panchak June 2021: 2 जुलाई तक पंचक, इस दौरान भूल कर भी न करें ये शुभ कार्य, जानें इस साल कब-कब लगेगा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Panchak June 2021, Panchak July 2021, Panchak Kya Hota Hai, Panchak Me Kya Nahi Karna Chahiye
Panchak June 2021, Panchak July 2021, Panchak Kya Hota Hai, Panchak Me Kya Nahi Karna Chahiye
Prabhat Khabar Graphics

Panchak June 2021, July 2021, Panchak Kya Hota Hai, Panchak Me Kya Nahi Karna Chahiye: हिंदू धर्म में कोई भी मांगलिक कार्य करने से पहले शुभ मुहूर्त देखने की परंपरा है. ग्रह-नक्षत्र की चाल हमेशा बदलती रहती है. जिसके कारण कुछ अशुभ व शुभ समय का आवागमन होते रहता है. कहा जाता है कि अशुभ मुहूर्त में किया गया कार्य जीवन भर बाधाएं उत्पन्न कर सकता है. ऐसे में 28 जून 2021, सोमवार को पंचक लग रहा है. हिंदू धर्म में इसे अशुभ माना गया है.

कैसे लगता है पंचक

पंचक पांच नक्षत्रों के मेल से निर्मित होने वाला एक प्रकार का योग है. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार जिस समय मीन व कुंभ राशि से होकर चंद्रमा गुजरता है उसी समय पंचक भी माना जाता है. इस दौरान किसी प्रकार के शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.

पंचक के पांच नक्षत्र

पांच नक्षत्र का योग है पंचक. जो हर माह धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र की गणना से बनता है. पंचक का स्वामी मीन और कुंभ राशि को माना गया है.

पंचक से जुड़ी कुछ रोचक बातें

  • यदि पंचक के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो शव के साथ पांच पुतले, आटे या घास अथवा कुश से बनाए अर्थी पर रखा जाता है. इन पांचों को शव के साथ अंतिम संस्कार करने की परंपरा होती है.

  • कहा जाता है कि पंचक दौरान घर में चारपाई नहीं बनानी चाहिए. ऐसा करने से. घर में कोई बड़ा संकट घर पर आ सकता है.

  • इसके अलावा पंचक के दौरान यदि घनिष्ठा नक्षत्र चल रही है तो ऐसे समय में घास, लकड़ी, इंधन आदि एकत्र नहीं करना चाहिए.

कितने प्रकार के पंचक होते हैं?

कुल पांच प्रकार के पंचक होते है इनमें रोग, नृप, चोर, मृत्यु व अग्नि पंचक शामिल है.

रोग पंचक: इस पंचक की शुरुआत रविवार से होती है. जिसमें 5 दिनों तक शारीरिक व मानसिक रूप से यातनाएं जातक को झेलनी पड़ती है. इस दौरान स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

नृप पंचक: नृप पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है. कहा जाता है कि यह करियर पर घात लगाता है अर्थात यदि नयी नौकरी ज्वाइन करना है तो यह समय अशुभ माना गया है.

चोर पंचक: इस पंचक की शुरुआत शुक्रवार से होती है. जो आर्थिक नुकसान, व्यावसायिक लेन-देन में हेराफेरी आदि का कारण बनता है. कहा जाता है कि इस दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए.

मृत्य पंचक: इस पंचक की शुरुआत शनिवार को होती है. कहा जाता है कि इस दौरान कोई भी जोखिम भरे कार्य नहीं करने चाहिए. विवाह जैसे कार्य करने से जान माल के नुकसान का खतरा बना रहता है.

अग्नि पंचक: इस पंचक की शुरुआत मंगलवार से होती है. कहा जाता है कि इस दौरान गृह प्रवेश, घर बनाने, दूसरे घर में शिफ्ट करने जैसे कार्य नहीं करने चाहिए. हालांकि, न्यायालय संबंधी कार्य किए जा सकते है.

पंचक का प्रभाव

  • धनिष्ठा नक्षत्र में अग्नि का डर सताता है

  • शतभिषा नक्षत्र में पारिवारिक कलह का योग बन सकता है

  • पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का डर बना रहता है. उत्तराभाद्रपद में आर्थिक तंगी व आर्थिक दंड का खतरा बना रहता है

  • रेवती नक्षत्र में धन हानि की संभावना होती है.

वर्ष 2021 में पंचक कब-कब

  • 01 जून 2021 से 05 जून 2021 तक लगा था

  • 28 जून 2021 से 03 जुलाई 2021 तक लगेगा

  • 25 जुलाई 2021 से 30 जुलाई 2021 तक लगने वाला है

  • 22 अगस्त 2021 से 26 अगस्त 2021 तक लगने वाला है

  • 18 सितंबर 2021 से 23 सितंबर 2021 तक लगने वाला है

  • 15 अक्टूबर 2021 से 20 अक्टूबर 2021 तक लगने वाला है

  • 12 नवंबर 2021 से 16 नवंबर 2021 तक लगने वाला है

  • 09 दिसंबर 2021 से 14 दिसंबर 2021 तक लगने वाला है

Posted By: Sumit Kumar Verma

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें