9.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Masik Shivratri Vrat Katha: साल की पहली मासिक शिवरात्रि पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ

Masik Shivratri Vrat Katha: मासिक शिवरात्रि 16 जनवरी 2026 को है. इस दिन शिव कथा का पाठ और व्रत करने से बाधाएं दूर होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

Masik Shivratri Vrat Katha: साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को है. इस दिन प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है. यह व्रत मकर संक्रांति के दो दिन बाद रखा जाएगा. यह माघ मास की मासिक शिवरात्रि होगी. इस दिन भगवान शिव को तिल अर्पित करने की विशेष परंपरा मानी जाती है. मान्यता है कि माघ मास की शिवरात्रि पर तिल से पूजा करने से पापों का नाश और कष्टों से मुक्ति मिलती है.

मासिक शिवरात्रि पर कौन सी कथा पढ़नी चाहिए?

धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि मासिक शिवरात्रि पर चित्रभानु शिकारी की कथा का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मासिक शिवरात्रि की पावन कथा (Shivratri Vrat Katha)

प्राचीन समय में चित्रभानु नामक एक शिकारी हुआ करता था. वह प्रतिदिन जंगल जाकर शिकार करता और उसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. आर्थिक तंगी के कारण वह नगर के एक साहूकार का कर्जदार बन गया, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था. एक दिन क्रोधित साहूकार ने चित्रभानु को शिव मठ में बंदी बना लिया. संयोगवश उस दिन मासिक शिवरात्रि थी. पूरी रात शिव मंदिर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना होती रही. भूखा-प्यासा शिकारी पूरी रात वहीं बैठा रहा और अनजाने में उसका शिवरात्रि व्रत संपन्न हो गया.

अनजाने में हुई शिव पूजा

अगले दिन साहूकार ने उसे छोड़ दिया. शिकारी शिकार की तलाश में जंगल गया, लेकिन थकान के कारण वह बहुत दूर निकल गया और लौट नहीं सका. रात बिताने के लिए वह एक तालाब के किनारे बेल के पेड़ पर चढ़ गया. उसे ज्ञात नहीं था कि उसी पेड़ के नीचे भगवान शिव का शिवलिंग स्थित है. चिंता में डूबा शिकारी बेलपत्र तोड़-तोड़ कर नीचे गिराने लगा, और वे सभी सीधे शिवलिंग पर अर्पित हो रहे थे. इस प्रकार वह भूखा-प्यासा रहकर मासिक शिवरात्रि का व्रत भी कर रहा था.

करुणा ने बदल दी किस्मत

रात के समय एक-एक करके गर्भवती हिरणी, दूसरी हिरणी, तीसरी हिरणी अपने बच्चों के साथ और अंत में एक मृग वहां आए. हर बार शिकारी ने तीर उठाया, लेकिन करुणा और दया के कारण उसने सभी को छोड़ दिया. हर बार जब वह धनुष उठाता और छोड़ता, तो बेलपत्र टूटकर शिवलिंग पर गिरते रहे. इस प्रकार अनजाने में चारों पहर की शिव पूजा पूर्ण हो गई.

ये भी पढ़ें: मासिक शिवरात्रि पर जरूर करें शिव चालीसा का पाठ, मिलेगा ये सारा फायदा

भगवान शिव की कृपा और मोक्ष

सुबह मृग अपने पूरे परिवार के साथ लौट आया और अपने वचन पर अडिग रहा. पशुओं की सच्चाई और धर्म देखकर शिकारी का हृदय पूरी तरह बदल गया. उसी दिन उसने शिकार करना छोड़ दिया. नगर लौटकर उसने मेहनत-मजदूरी की, कर्ज चुकाया और ईमानदार जीवन जिया. जब उसकी मृत्यु हुई तो यमदूत उसे लेने आए, लेकिन शिवदूतों ने उन्हें रोक दिया और चित्रभानु को शिवलोक ले गए. इस प्रकार उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई.

मासिक शिवरात्रि का महत्व

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
  • मासिक शिवरात्रि पर कथा पढ़ने से पापों का नाश होता है
  • जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है
  • अनजाने में की गई भक्ति भी भगवान शिव को प्रिय होती है

भगवान शिव भाव के भूखे हैं. सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती. आज 16 जनवरी 2026 को मासिक शिवरात्रि पर इस कथा का पाठ अवश्य करें और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करें.

Shaurya Punj
Shaurya Punj
रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष मेरे प्रमुख विषय रहे हैं, जिन पर लेखन मेरी विशेषता है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी सक्रिय भागीदारी रही है. इसके अतिरिक्त, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से काम किया है. 📩 संपर्क : shaurya.punj@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel