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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन करें तिल से जुड़े 4 ज्योतिषीय उपाय, शनि और पितृ दोष से मिलेगी राहत

Updated at : 06 Jan 2026 4:13 PM (IST)
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Makar Sankranti remedies

तिल से जुड़े ज्योतिषीय उपाय

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति हर साल माघ महीने में मनाई जाती है. यदि आपकी कुंडली में ग्रह दोष है या घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास है, तो इस दिन तिल की मदद से कुछ उपाय किए जा सकते हैं. आइए जानते है कि तिल से किए जाने वाले कुछ सरल और आसान उपायों के बारे में.

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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश का पर्व है. यह दिन दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन तिल, गुड़, चूड़ा और दही के सेवन व दान की परंपरा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मकर संक्रांति पर तिल से जुड़े कुछ उपाय करने से शनि दोष, सूर्य दोष और पितृ दोष के प्रभाव कम हो सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं में तिल को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और सकारात्मकता से जोड़ा गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि मकर संक्रांति के दिन तिल से संबंधित किन-किन उपायों को करना लाभदायक माना जाता है.

शनि दोष के लिए तिल के तेल का दीपक

यदि कुंडली में शनि दोष की स्थिति है, तो मकर संक्रांति के दिन शाम के समय स्नान के बाद शनिदेव की दिशा में तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है. दीपक में कुछ काले तिल डालकर प्रज्वलित किया जाता है. मान्यता है कि इससे शनि दोष के प्रभाव में कमी आ सकती है.

मकर संक्रांति पर तिल का दान 

मकर संक्रांति के दिन तिल का दान शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिल दान करने से घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक वातावरण बना रहता है. इस कारण इस दिन तिल का दान करने की सलाह दी जाती है.

सूर्य दोष से राहत के लिए सूर्यदेव को अर्घ्य

ज्योतिष के अनुसार, यदि कुंडली में सूर्य दोष हो, तो मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है. अर्घ्य के लिए तांबे के लोटे में काले तिल, फूल और अक्षत डालकर सूर्य मंत्रों या नाम का स्मरण करते हुए अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि इससे सूर्य दोष के प्रभाव में राहत मिल सकती है.

पितृ दोष शांति के लिए पीपल के पेड़ के नीचे दीपक

पितृ दोष की शांति के लिए मकर संक्रांति के दिन पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है. दीपक में काले तिल डालकर पूर्वजों का स्मरण किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और दोष का प्रभाव कम हो सकता है.

यह भी पढ़ें: Makar Sankranti 2026: 14 या 15 जनवरी ? कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति? जानें तिथि

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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