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Mahalaya 2021: क्या है महालया का महत्व? जानें कैसे मनाया जाता है ये और क्या है इसका इतिहास

आज यानी 07 अक्टूबर को नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है. शारदीय नवरात्रि की दुर्गा पूजा में महालया का विशेष स्थान होता है.

By Prabhat khabar Digital
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mahalaya 2021 date time and its significance
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Mahalaya Amavasya 2021: महालया अमावस्या के अगले दिन यानी प्रतिपदा पर शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है. इस साल आज यानी 07 अक्टूबर को नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है. शारदीय नवरात्रि की दुर्गा पूजा में महालया का विशेष स्थान होता है. महालया के दिन से ही दुर्गा पूजा का प्रारंभ होता है. बंगाल के लोग इस महालया का साल भर से इंतजार करते रहते हैं. धार्मिक मान्यता है कि महालया के साथ श्राद्ध (Shraddh) खत्म हो जाते हैं और मां दुर्गा कैलाश पर्वत से पृथ्वी पर इसी दिन आती हैं और अगले 10 दिनों तक वे यहां पर रहती हैं.

बंगालियों का प्रमुख त्यौहार है महालया

महालया वैसे तो बंगालियों का प्रमुख त्यौहार है, लेकिन यह देशभर में काफी उत्साह और धूम के साथ मनाया जाता है. मां दुर्गा के प्रति आस्था रखने वाले भक्त इस दिन का काफी इंतजार करते हैं. महालया से ही दुर्गा पूजा की शुरुआत मानी जाती है.

महालया का इतिहास

पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश ने अत्‍याचारी राक्षस महिषासुर के संहार के लिए मां दुर्गा का सृजन किया. महिषासुर को वरदान मिला हुआ था कि कोई देवता या मनुष्‍य उसका वध नहीं कर पाएगा. ऐसा वरदान पाकर महिषासुर राक्षसों का राजा बन गया और उसने देवताओं पर आक्रमण कर दिया. देवता युद्ध हार गए और देवलोकर पर महिषासुर का राज हो गया. महिषासुर से रक्षा करने के लिए सभी देवताओं ने भगवान विष्णु के साथ आदि शक्ति की आराधना की. इस दौरान सभी देवताओं के शरीर से एक दिव्य रोशनी निकली जिसने देवी दुर्गा का रूप धारण कर लिया. शस्‍त्रों से सुसज्जित मां दुर्गा ने महिषासुर से नौ दिनों तक भीषण युद्ध करने के बाद 10वें दिन उसका वध कर दिया. दरसअल, महालया मां दुर्गा के धरती पर आगमन का द्योतक है. मां दुर्गा को शक्ति की देवी माना जाता है.

नवरात्रि के नौ दिन की तिथियां

  • 7 अक्टूबर, गुरूवार - प्रतिपदा घटस्थापना और माँ शैलपुत्री पूजा

  • 8 अक्टूबर, शुक्रवार -द्वितीय माँ ब्रह्मचारिणी पूजा

  • 9 अक्टूबर, शनिवार - तृतीया और चतुर्थी माँ चंद्रघंटा पूजा और माँ कुष्मांडा पूजा

  • 10 अक्टूबर, रविवार - पंचमी माँ स्कंदमाता पूजा

  • 11 अक्टूबर, सोमवार - षष्ठी माँ कात्यायनी पूजा

  • 12 अक्टूबर, मंगलवार - सप्तमी माँ कालरात्रि पूजा

  • 13 अक्टूबर, बुधवार -अष्टमी माँ महागौरी पूजा

  • 14 अक्टूबर, बृहस्पतिवार -नवमी माँ सिद्धिदात्री पूजा

  • 15 अक्टूबर,शुक्रवार -दशमी नवरात्रि पारण/दुर्गा विसर्जन

Posted By: Shaurya Punj

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Published Date

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