Maha Shivaratri 2021: इस साल कब है महाशिवरात्रि, जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और इसका महत्व

Updated at : 11 Feb 2021 10:00 AM (IST)
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Maha Shivaratri 2021: इस साल कब है महाशिवरात्रि, जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और इसका महत्व

Maha Shivaratri 2021: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है. महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा विधि-विधान से करने पर प्रसंन होते है. महाशिवरात्रि पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है.

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Maha Shivaratri 2021: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है. महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा विधि-विधान से करने पर प्रसंन होते है. महाशिवरात्रि पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है. इस साल महाशिवरात्रि तिथि 11 मार्च 2021 दिन गुरुवार को है. मान्यता महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान से व्रत रखने वालों को धन, सौभाग्य, समृद्धि, संतान और अरोग्य की प्राप्ति होती है. इस दिन कुछ व्रत नियमों का पालन किया जाता है. आइए जानते है महाशिवरात्रि से जुड़ी पूरी जानकारी…

महाशिवरात्रि 2021 शुभ मुहूर्त

  • निशीथ काल पूजा मुहूर्त 10 मार्च की रात दिन गुरुवार 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक

  • अवधि : 48 मिनट

  • महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 53 मिनट के बाद

पूजा विधि

  • महाशिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए.

  • इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए.

  • इस दिन शिवलिंग का बेलपत्र, आक, धतूरा, फूल, चावल आदि से श्रंगार करना चाहिए.

  • इस दिन शिवपुराण और महामृत्युंजय मंत्र करना चाहिए.

  • रात में भी शिव जी की आरती और पूजा करनी चाहिए.

  • महाशिवरात्रि के दिन गलत कार्यों को करने से बचना चाहिए.

  • क्रोध और अंहकार से दूर रहना चाहिए तथा दान आदि का कार्य करना चाहिए.

महाशिवरात्रि व्रत नियम

  • महाशिवरात्रि के दिन व्रती को सबसे पहले सूर्योदय से पूर्व उठकर पानी में जल में काले तिल डालकर स्नान करना चाहिए.

  • इसके बाद साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। इस दिन काले वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए.

  • महाशिवरात्रि निर्जला या फलाहार दोनों तरह से रखा जा सकता है.

  • निर्जला व्रत रखने वाले व्रती को भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.

  • महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजन करने से पहले नंदी की पूजा अवश्य करनी चाहिए.

  • इसके बाद भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं, जिसमें दूध, दही, शक्कर और शहद होना चाहिए.

  • पंचामृत से स्नान कराने के बाद भगवान शिव को गंगाजल से स्नान कराना चाहिए.

  • भगवान शिव को पूजा के दौरान बेलपत्र, फूल, भांग और धतूरा आदि अर्पित करना शुभ होता है.

  • यह सब अर्पित करने के बाद भगवान शिव को बेर और फल अवश्य चढ़ाने चाहिए.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

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