Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ, पूजा का मिलेगा दोगुना फल

Published by : Neha Kumari Updated At : 31 Jan 2026 1:51 PM

विज्ञापन

माघ पूर्णिमा व्रत कथा

Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा के दिन पूजा के साथ व्रत कथा का पाठ करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि कथा के पाठ से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं. यहाँ माघ पूर्णिमा से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में बताया गया है.

विज्ञापन

Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. इस दिन स्नान-दान, पूजा, व्रत कथा का पाठ और मंत्रों का उच्चारण करना बेहद शुभ माना जाता है. माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते समय कथा का पाठ करना विशेष लाभदायक होता है. मान्यता है कि इससे पूजा का फल दोगुना हो जाता है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले नर्मदा नदी के तट पर एक बहुत बड़ा विद्वान ब्राह्मण रहता था. लेकिन वह स्वभाव से अत्यंत लालची था. वह हर समय केवल धन कमाने के बारे में ही सोचता रहता था. धन कमाने के लिए वह कोई भी कार्य करने को तैयार रहता था, चाहे उसका तरीका गलत ही क्यों न हो.

धीरे-धीरे ब्राह्मण की धन कमाने की इच्छा और भी बढ़ती गई, जिसके कारण वह हमेशा चिंता में रहने लगा. इसका बुरा प्रभाव उसके स्वास्थ्य पर पड़ा. वह समय से पहले बूढ़ा दिखने लगा और उसे कई बीमारियाँ हो गईं. अपनी इस स्थिति को देखकर उसे एहसास हुआ कि उसने अपना पूरा जीवन केवल धन के पीछे भागते हुए बर्बाद कर दिया. उसने न तो कोई अच्छा कार्य किया और न ही जीवन का सुख भोग पाया. उसे लगने लगा कि उसने इतने गलत काम किए हैं कि इस जीवन में उसका उद्धार संभव नहीं है.

इन्हीं विचारों में डूबा हुआ वह माघ पूर्णिमा के दिन के निकट पहुँच गया. उसे माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान के महत्व की याद आई. उसने माघ पूर्णिमा से लगातार नौ दिनों तक पवित्र नदी में स्नान किया. लेकिन नौ दिन बाद उसका स्वास्थ्य और भी अधिक बिगड़ गया.

जब ब्राह्मण को यह लगने लगा कि उसके प्राण अब जाने वाले हैं, तो अंतिम घड़ी में उसने सोचा कि उसने जीवन में किसी का भला नहीं किया, न ही कोई पुण्य कर्म किया है, इसलिए मृत्यु के बाद उसे नरक जाना पड़ेगा. यही सोचते-सोचते उसने प्राण त्याग दिए.

लेकिन उसे नरक नहीं मिला, बल्कि मोक्ष की प्राप्ति हुई. इसका कारण यह था कि उसने पूर्ण श्रद्धा के साथ माघ पूर्णिमा के पावन दिनों में पवित्र नदी में स्नान किया था. इसी कारण उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हुई और उसे मोक्ष मिल गया.

बिहार-झारखंड के टॉप एक्सपर्ट्स के साथ बजट-26 की हर परत का विश्लेषण.

बजट 2026 से जुड़ी हर अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.

यह भी पढ़ें: Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा कब है? जानें सही तिथि, महत्व, पूजा विधि और मंत्र

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola