Karwa Chauth 2025: 9 या 10 अक्टूबर कब है करवाचौथ ? जानें पूजा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, सामग्रियां, विधि और चंद्रोदय का समय

Published by : Neha Kumari Updated At : 27 Sep 2025 8:07 PM

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Karwa Chauth 2025

Karwa Chauth 2025: करवाचौथ का व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और रक्षा के लिए करती हैं. इस वर्ष यह व्रत 10 अक्टूबर को किया जाएगा.

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Karwa Chauth 2025: हिंदू धर्म की महिलाओं के लिए करवाचौथ व्रत का विशेष महत्व है. हर साल करवा चौथ कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत को शादीशुदा महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, सुरक्षा और दांपत्य जीवन में खुशहाली की कामना के लिए करती हैं. इस दिन सूर्योदय से व्रत का प्रारंभ होता है और व्रत का पारण चंद्रमा के उदय के बाद उसकी पूजा करके किया जाता है. आइए जानते हैं इस साल करवा चौथ किस दिन मनाया जाएगा.

2025 करवाचौथ व्रत तिथि

पंचांग के मुताबिक, इस साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 09 अक्टूबर की रात 10:54 बजे से प्रारंभ होगी और 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी. इसलिए इस वर्ष करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा.

शुभ मुहूर्त

करवा चौथ की पूजा करने का शुभ समय सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक है. वहीं, चंद्रमा का उदय शाम 7:42 बजे होगा.

करवाचौथ पूजा सामग्री

  • फूल और चुनरी
  • कच्चा दूध, दही और घी
  • शक्कर और मिठाई
  • अगरबत्ती और दीपक
  • गंगाजल और जल से भरा लोटा
  • अक्षत और पीली मिट्टी
  • सिंदूर, मेहंदी और बिंदी
  • चूड़ियां, बिछुए और महावर
  • कंघा और पूजन थाली

पूजा विधि

  • सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
  • स्नान के बाद ससुराल से मिली सरगी खाएँ.
  • इसके बाद व्रत रखने का संकल्प लें.
  • सुबह भगवान सूर्य को जल अर्पित करके दिन की शुरुआत करें.
  • फिर घर के मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करें.
  • उन्हें फूल, फल, मिठाई और मेवे अर्पित करें.
  • इस दिन करवा चौथ की व्रत कथा अवश्य पढ़ें या सुनें.
  • शाम को फिर से पूजा की तैयारी करें.
  • पूजा की थाली सजाएँ, जिसमें फूल, फल, मिठाई, दीपक, धूप और रोली रखें.
  • एक मिट्टी का छोटा घड़ा लें और उसमें चावल भरकर दक्षिणा के रूप में रखें.
  • रात को जब चांद निकल आए, तब चंद्रमा को जल अर्पित करें.
  • इसके बाद छलनी में दीपक रखकर चाँद को देखें और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें.
  • अंत में पति के हाथ से पानी पीकर व्रत पूर्ण करें.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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