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Karwa Chauth 2024 Puja Vidhi: करवा चौथ के चांद को देखने के साथ ऐसे करें पूजा, यहां देखें शुभ मुहूर्त

Updated at : 20 Oct 2024 9:02 PM (IST)
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Karwa Chauth 2024 Puja Vidhi: करवा चौथ के चांद को देखने के साथ ऐसे करें पूजा, यहां देखें शुभ मुहूर्त

Karwa Chauth 2024 Puja Vidhi Live: आज करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है. आज सभी व्रती महिलाएं शाम के समय में करवा चौथ की पूजा करेंगी. आज सभी व्रती महिलाएं संध्या के समय करवा चौथ की पूजा करेंगी. इसके पश्चात चंद्रमा को अर्घ्य देकर पारण करेंगी.

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8:06 PM. 20 Oct 248:06 PM. 20 Oct

चन्द्रमा को विशेष अर्घ्य कैसे दें?

यदि पति-पत्नी के बीच अनावश्यक विवाद उत्पन्न होता है, तो जल में अनेक सफेद फूल डालकर चन्द्रमा को अर्घ्य अर्पित करें. यदि पति-पत्नी के बीच प्रेम की कमी महसूस हो रही है, तो जल में सफेद चंदन और पीले फूल मिलाकर अर्घ्य दें. यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां आ रही हैं, तो पति-पत्नी को मिलकर चन्द्रमा को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए. जल में थोड़ी मात्रा में दूध और अक्षत अवश्य मिलाएं. यदि नौकरी या अन्य कारणों से पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ गई है, तो शंख से जल अर्पित करें और उसमें थोड़ा इत्र भी मिलाएं.

7:35 PM. 20 Oct 247:35 PM. 20 Oct

जानें मिट्टी के करवे से चांद को अर्घ्य देने का महत्व

आज, 20 अक्टूबर को, पूरे भारत में करवा चौथ का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. व्रत खोलने से पूर्व, महिलाएं रात के समय चांद को मिट्टी के करवे से अर्घ्य अर्पित करती हैं.

7:25 PM. 20 Oct 247:25 PM. 20 Oct

उत्तराखंड के देहरादून में महिलाएं

करवा चौथ के अवसर पर भजन गाकर पूजा की रस्में पूरी करती हैं।

7:22 PM. 20 Oct 247:22 PM. 20 Oct

उत्तराखंड के देहरादून में महिलाएं

करवा चौथ के अवसर पर भजन गाकर पूजा की रस्में पूरी करती हैं.

7:13 PM. 20 Oct 247:13 PM. 20 Oct

महाभारत में करवा चौथ की कथा

करवा चौथ की यह कहानी द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को सुनाई थी. उन्होंने बताया कि यह कथा भगवान शिव ने माता पार्वती को सुनाई थी, जिसमें एक ब्राह्मण की पुत्री के सात भाई थे. जब वह पुत्री अपने मायके आती है, तो करवा चौथ का व्रत रखती है. लेकिन जब उसके भाई अपनी बहन को भूखा और प्यासा देखते हैं, तो वे चिंतित हो जाते हैं और मिलकर अपनी बहन को एक नकली चाँद दिखा देते हैं.

7:13 PM. 20 Oct 247:13 PM. 20 Oct

पति-पत्नी के बीच प्रेम को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय

करवा चौथ की रात पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनें और एक लोटे में जल लेकर उसमें सफेद चंदन मिलाएं. फिर, नजर नीचे रखते हुए चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें. इसके पश्चात, शिवजी का ध्यान करते हुए निम्नलिखित मंत्र का जप करें: “ॐ उमामहेश्वराभ्याम नमः”. मंत्र का जप करने के बाद, अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम की वृद्धि के लिए प्रार्थना करें.

7:12 PM. 20 Oct 247:12 PM. 20 Oct

करवा चौथ के अवसर पर इन बातों का ध्यान रखें

करवा चौथ के दिन महिलाओं को 16 श्रृंगार करना आवश्यक है. विवाहित महिलाओं को इस दिन सामूहिक रूप से पूजा करनी चाहिए. गणेश जी और करवा माता की पूजा का आयोजन करें। चंद्रोदय के पश्चात विधिपूर्वक पूजा करने के बाद ही भोजन का सेवन करें.

7:11 PM. 20 Oct 247:11 PM. 20 Oct

Karwa Mata Aarti: करवा चौथ आरती

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया.. ओम जय करवा मैया.
सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी.
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी..
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती.
दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती..
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे.
गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे..
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे.
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे..
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..

7:10 PM. 20 Oct 247:10 PM. 20 Oct

चंद्र दर्शन के नियम और प्रक्रिया

करवा चौथ की रात को चंद्रमा के उदय के समय अर्घ्य अर्पित किया जाता है. इसके पश्चात, एक छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा और फिर पति के चेहरे को देखने की परंपरा है. इसके बाद, पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत का पारण किया जाता है. यह ध्यान रखना आवश्यक है कि चंद्र दर्शन किए बिना व्रत का पारण नहीं किया जा सकता. छत या आंगन से चंद्रमा के दर्शन के बाद ही उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार व्रत खोला जाता है.

7:09 PM. 20 Oct 247:09 PM. 20 Oct

करवा चौथ की पूजा का समय क्या है?

करवा चौथ के अवसर पर सबसे पहले गौरी और गणेश की पूजा की जाती है. इसके पश्चात चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है. इस वर्ष करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त शाम 05:45 बजे से लेकर शाम 07:01 बजे तक निर्धारित किया गया है.

5:40 PM. 20 Oct 245:40 PM. 20 Oct

ये महिलाएं करवा चौथ का व्रत न रखें

करवा चौथ का व्रत सभी सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं. हालांकि, कुछ महिलाओं के लिए यह व्रत रखना उचित नहीं है.

5:26 PM. 20 Oct 245:26 PM. 20 Oct

करवा चौथ के अवसर पर छलनी में दीया रखने का उद्देश्य

जब चांद को छलनी के माध्यम से देखा जाता है, तब छलनी के अग्रभाग में एक दीया रखा जाता है. इसका मुख्य कारण यह है कि दीये की ज्योति को पवित्र माना जाता है, जो सभी प्रकार की नकारात्मकता या शाप को समाप्त करने में सहायक होती है.

5:25 PM. 20 Oct 245:25 PM. 20 Oct

करवा चौथ पर चांद नहीं दिखे तो ऐसे खोलें व्रत

करवा चौथ के दिन यदि चंद्रमा दृष्टिगोचर नहीं होता है, तो पंचांग में निर्दिष्ट समय के अनुसार चंद्रमा के उदय की दिशा में पूजा करनी चाहिए और चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए. इस प्रक्रिया से व्रत पूर्ण हो जाता है और ऐसा करने से कोई दोष नहीं लगता है.

4:57 PM. 20 Oct 244:57 PM. 20 Oct

करवा चौथ व्रत की तिथि और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर को प्रातः 06:46 बजे प्रारंभ होगी और 21 अक्टूबर को प्रातः 04:16 बजे समाप्त होगी. इस प्रकार, करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा.

4:15 PM. 20 Oct 244:15 PM. 20 Oct

करवा चौथ के दिन विधिपूर्वक पूजा

महिलाएं करवा चौथ के दिन विधिपूर्वक पूजा करने के पश्चात रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन करती हैं. यह व्रत कठिन होता है और इसे सूर्योदय से लेकर रात में चंद्रमा के दर्शन तक अन्न और जल के बिना रखा जाता है.

4:14 PM. 20 Oct 244:14 PM. 20 Oct

करवा चौथ पर बन रहा विशेष संयोग

करवा चौथ का दिन अत्यंत शुभ संयोग लेकर आ रहा है. इस अवसर पर कुछ राशियों के जातकों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है.

4:13 PM. 20 Oct 244:13 PM. 20 Oct

करवा चौथ के व्रत के नियम और सावधानियां

करवा चौथ का व्रत केवल विवाहित महिलाओं या जिनका विवाह तय हो चुका है, उन्हें ही करना चाहिए. यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है। इसे निर्जला या विशेष परिस्थितियों में जल के साथ भी किया जा सकता है. व्रत करने वाली महिलाओं को काले या सफेद वस्त्र पहनने से परहेज करना चाहिए. लाल या पीले वस्त्र पहनना उचित रहेगा. इस दिन महिलाओं को पूर्ण श्रंगार और समुचित भोजन अवश्य करना चाहिए.

4:01 PM. 20 Oct 244:01 PM. 20 Oct

करवा चौथ के अवसर पर महिलाएं चौथ माता की पूजा करती हैं

करवा चौथ के अवसर पर चौथ माता की पूजा का अत्यधिक महत्व होता है. महिलाएं अपने करवे में जल भरकर उसे चौथ माता को समर्पित करती हैं.

3:54 PM. 20 Oct 243:54 PM. 20 Oct

करवा चौथ की पूजा विधि

पूजा के लिए एक स्वच्छ स्थान पर चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाएं. इसके ऊपर गौरी माता की प्रतिमा स्थापित करें. साथ ही, करवा, दीपक और अन्य पूजा सामग्री भी रखें. पूजा के दौरान एक कलश को जल से भरकर रखें और उस पर दीपक प्रज्वलित करें. करवा पर रोली, अक्षत, सिंदूर और फूल अर्पित करें. विधिपूर्वक पूजा के बाद करवा चौथ की कथा का श्रवण या पठन करना अत्यंत आवश्यक है.

3:48 PM. 20 Oct 243:48 PM. 20 Oct

करवा चौथ के संबंध में पौराणिक मान्यताएं

करवा चौथ के संबंध में पौराणिक मान्यताओं के बारे में बात करें तो इसे भगवान शिव ने माता पार्वती से जोड़कर भी बताया जाता है. इसके बाद महाभारत काल में भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को यह व्रत रखने की सलाह दी ताकि पांडव सुरक्षित रहें और उनकी आयु बढ़े. तभी से विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना करते हुए करवा चौथ का व्रत करती आ रही हैं.

2:55 PM. 20 Oct 242:55 PM. 20 Oct

करवा चौथ 2024 पर चंद्रोदय का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ के अवसर पर चंद्रमा का उदय 20 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 55 मिनट पर होगा. हालांकि, यह संभव है कि इस वर्ष चंद्रमा कुछ स्थानों पर जल्दी और कुछ स्थानों पर देर से प्रकट हो. ऐसे में आपको प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है.

1:39 PM. 20 Oct 241:39 PM. 20 Oct

बाजारों में है अद्भुत चहल-पहल

करवा चौथ के अवसर पर बाजार में अद्भुत चहल-पहल देखने को मिल रही है. रेडीमेड वस्त्रों से लेकर साड़ी की दुकानों, चूड़ियों के बाजार से लेकर ब्यूटी पार्लरों तक महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. इस बार लगभग 22 हजार करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद की जा रही है. व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक चहल-पहल दिखाई दे रही है.

1:38 PM. 20 Oct 241:38 PM. 20 Oct

पूजा थाली में शामिल करें ये भोग

करवा चौथ की रात को विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें और चंद्रमा के निकलने पर अर्घ्य अर्पित करें। महादेव को खीर, फल और मिठाई का भोग समर्पित करें. इसके अतिरिक्त, पूजा थाली में सेवइयां, सब्जी और पूरी जैसी अन्य वस्तुओं को भी शामिल किया जा सकता है. ऐसा माना जाता है कि इससे महादेव की कृपा प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. भोग लगाने के बाद इन्हीं वस्तुओं से व्रत का पारण करें.

1:10 PM. 20 Oct 241:10 PM. 20 Oct

व्रत के समय ध्यान देने योग्य बातें

करवा चौथ के अवसर पर महिलाएं निर्जला व्रत का पालन करती हैं, जो उनके पति की लंबी उम्र के लिए समर्पित होता है. इस व्रत में सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक कोई भी भोजन या पेय ग्रहण नहीं किया जाता है. व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पूर्व सरगी का सेवन करके की जाती है. यह सरगी सास द्वारा प्रदान की जाती है, जिसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.

11:54 AM. 20 Oct 2411:54 AM. 20 Oct

चौथमाता की कथा के श्रवण से मिलेगा ये फायदा

करवा चौथ के अवसर पर चौथमाता की कथा का श्रवण या वाचन करने से सुहागिन महिलाओं का सुहाग सदैव सुरक्षित रहता है. चौथ की कथा सुनने से पति-पत्नी के बीच प्रेम में वृद्धि होती है और उनके वैवाहिक जीवन में शांति तथा समृद्धि का संचार होता है.

11:53 AM. 20 Oct 2411:53 AM. 20 Oct

करवा चौथ पर करें इनकी पूजा

करवा चौथ के अवसर पर चंद्रोदय से पूर्व भगवान शिव, माता पार्वती, गणेशजी और भगवान कार्तिकेय की पूजा करना अनिवार्य है.

11:22 AM. 20 Oct 2411:22 AM. 20 Oct

करवा चौथ के दिन जल ग्रहण नहीं करें

करवा चौथ के दिन चांद के दर्शन होने और पूजा संपन्न होने तक जल ग्रहण नहीं करना चाहिए. हालांकि, यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो वह जल ग्रहण कर सकता है. यदि पत्नी की तबियत ठीक नहीं है, तो पति को व्रत रखना चाहिए.

10:57 AM. 20 Oct 2410:57 AM. 20 Oct

करवा चौथ पर आटे के दीपक से पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में आटे के दीपक को अत्यंत पवित्र और शुद्ध माना जाता है. वास्तु के अनुसार, आटे के दीपक का उपयोग विशेष इच्छाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है. करवा चौथ का व्रत पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है, इसलिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आटे के दीपक से पूजा करना शुभ माना जाता है.

10:09 AM. 20 Oct 2410:09 AM. 20 Oct

करवा चौथ का मुहूर्त

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को प्रातः 06 बजकर 46 मिनट पर हुआ है. इसका समापन 21 अक्टूबर को प्रातः 04 बजकर 16 मिनट पर होगा. इस प्रकार, करवा चौथ का व्रत आज, अर्थात 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है.

10:09 AM. 20 Oct 2410:09 AM. 20 Oct

करवा चौथ पूजन सामग्री

लकड़ी का आसान,देसी घी, पान, सींक, कलश, हल्दी, रोली ,मौली ,मिठाई ,छन्नी ,लोटे में भरने के लिए चावल ,दान की सामग्री ,अक्षत ,चंदन ,फल ,पीली मिट्टी ,फूल ,मिट्टी या तांबे का करवा और ढक्कन और करवा चौथ व्रत कथा किताब.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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