Kartik Purnima 2024: कार्तिक पूर्णिमा पर बनेगा शश राजयोग, स्नान और दीपदान का है विशेष महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 10 Nov 2024 1:53 PM

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Kartik Purnima 2024 shash rajyog

Kartik Purnima 2024: कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का अत्यधिक महत्व है. प्रत्येक महीने की पूर्णिमा का अपना विशेष महत्व होता है, किंतु कार्तिक मास की पूर्णिमा का स्थान विशेष है. इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है.

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Kartik Purnima 2024: कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का अत्यधिक महत्व है. प्रत्येक महीने की पूर्णिमा का अपना विशेष स्थान होता है, किंतु कार्तिक मास की पूर्णिमा का महत्व अद्वितीय है. इस दिन देव दीपावली का उत्सव मनाया जाता है. इस दिन स्नान और दान करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली का संचार होता है. साथ ही, यह दिन सुख और शांति का भी प्रतीक है. इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है. आइए, कार्तिक मास के महत्व को समझते हैं.

कार्तिक पूर्णिमा कब है?

कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर को सुबह 6:20 बजे प्रारंभ होगी और इसका समापन 15 नवंबर की मध्यरात्रि 2:59 बजे होगा. इस प्रकार, कार्तिक पूर्णिमा का व्रत 15 तारीख, शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा.

कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दीपदान का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र नदी में स्नान और दीपदान का अत्यधिक महत्व होता है. यह माना जाता है कि इस दिन उचित समय पर नदी में स्नान करने से व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है. इसके साथ ही, इस पवित्र दिन पर जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा भी है.

कार्तिक पूर्णिमा पर बनने वाले शुभ योग

इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर चंद्रमा और मंगल का राशि परिवर्तन एक विशेष योग का निर्माण करेगा, जिसमें दोनों ग्रह एक-दूसरे की राशि में स्थित रहेंगे. इस दिन रात के समय गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा. इसके अतिरिक्त, बुधादित्य राजयोग भी इस दिन बनेगा. विशेष रूप से, 30 वर्षों के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर शश राजयोग का निर्माण हो रहा है, क्योंकि अगले 30 वर्षों तक शनि कुंभ राशि में गोचर नहीं करेंगे. इस प्रकार, कार्तिक पूर्णिमा पर किए गए उपाय और दान पुण्य के कार्यों का फल 100 गुना अधिक प्राप्त होगा.

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा के संदर्भ में एक पौराणिक कथा प्रचलित है. मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक एक राक्षस का संहार किया था. इसी कारण इस पूर्णिमा को त्रिपुरासुर पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन को विशेष रूप से देव दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है. कार्तिक पूर्णिमा तक भगवान विष्णु मत्स्य अवतार में जल में निवास करते हैं, इसलिए इस दिन जल में दीप जलाने की परंपरा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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