Kabirdas Jayanti 2025: कबीरदास जयंती पर देखें कबीर के दोहे जो बदल सकते हैं आपकी सोच

Edited by Shaurya Punj
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Kabir Jayanti 2025 Famous Dohe in Hindi

Kabirdas Jayanti 2025: संत कबीरदास के दोहे गहरी सादगी में जीवन की सबसे बड़ी सच्चाइयों को प्रकट करते हैं. कबीर जयंती के अवसर पर पढ़िए उनके प्रेरक दोहे, जो आपकी सोच को एक नई दिशा दे सकते हैं और जीवन को समझने का नजरिया बदल सकते हैं.

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Kabirdas Jayanti 2025 Famous Dohe in Hindi: कबीर जयंती हर वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है. उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा 11 जून 2025 को पड़ रही है, इसलिए कबीर जयंती भी आज ही मनाई जा रही है. संत कबीर का जन्म वर्ष 1398 में माना जाता है. हालांकि उनके जन्म की सटीक तिथि और स्थान को लेकर इतिहासकारों में भिन्न मत हैं, लेकिन प्रचलित मान्यता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) में उनका जन्म हुआ था.

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय.
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय..

अर्थ: जब मैं दूसरों में बुराई खोजने निकला तो कोई बुरा नहीं मिला, लेकिन जब अपने दिल में झांका तो मुझसे बुरा कोई नहीं निकला.

साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय.
सार-सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय..

अर्थ: एक सच्चा साधु उसी तरह होना चाहिए जैसे सूप जो अनाज से भूसी को अलग कर देता है. वह अच्छे को ग्रहण करता है और व्यर्थ को छोड़ देता है.

पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय.
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय..

अर्थ: किताबें पढ़-पढ़कर संसार मर गया, लेकिन कोई सच्चा ज्ञानी नहीं बन पाया. जो “प्रेम” के मात्र ढाई अक्षर को समझ गया, वही सच्चा ज्ञानी है.

माला फेरत जुग भया, गया न मन का फेर.
कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर..

अर्थ: वर्षों तक हाथ में माला फेरने से कुछ नहीं होता, जब तक मन की वृत्तियों को न बदला जाए. सच्चा ध्यान अंदर की सुध लेने में है.

कबिरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर.
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर..

अर्थ: कबीर समाज में सभी के लिए शुभ की कामना करते हैं. वे न किसी से मित्रता करते हैं, न बैर. यही संत का स्वभाव होता है.

दु:ख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय.
जो सुख में सुमिरन करे, तो दु:ख काहे को होय..

अर्थ: लोग दुख में तो भगवान को याद करते हैं लेकिन सुख में भूल जाते हैं. यदि सुख में भी ईश्वर को स्मरण करें तो दुख आए ही क्यों?

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय.
बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो मिलाय..

अर्थ: जब गुरु और भगवान दोनों सामने हों, तो किसे प्रणाम करूं? गुरु को नमस्कार करूंगा, क्योंकि उन्होंने ही मुझे भगवान से मिलाया.

ज्यों नैनों में पुतली, त्यों मालिक घट माहिं.
मोती समान सरूप है, जाने बिरला साध.

अर्थ: जैसे आंख में पुतली बसी होती है, वैसे ही भगवान हमारे हृदय में रहते हैं, लेकिन उसे समझना विरले साधक के ही वश की बात है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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