Hartalika Teej 2025: क्या पीरियड्स के दौरान की जा सकती है हरतालिका तीज व्रत

Published by : Shaurya Punj Updated At : 22 Aug 2025 11:46 AM

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Hartalika Teej 2025: Periods vrat rules (AI Generated Image)

Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज 2025 का व्रत विवाहित और अविवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास है. लेकिन जब यह व्रत पीरियड्स के दौरान आए तो महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि इसे कैसे निभाया जाए. जानें परंपरा, शास्त्रीय मान्यताएं और आधुनिक दृष्टिकोण से सही उपाय.

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Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज का व्रत विवाहित महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए बेहद शुभ माना जाता है. सुहागिनें यह व्रत अपने पति की लंबी आयु के लिए करती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति की कामना से इसे निभाती हैं. लेकिन यदि यह व्रत मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान पड़ जाए, तो महिलाओं के मन में अक्सर सवाल उठता है कि ऐसे समय में व्रत रखना उचित है या नहीं.

पारंपरिक मान्यता

सनातन परंपरा में मासिक धर्म के दिनों को आराम और शारीरिक विश्राम का समय माना गया है. इस अवधि में महिलाओं को पूजा-पाठ, व्रत और अन्य धार्मिक कर्मकांडों से दूर रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि शरीर कमजोर होता है और नियमों का पालन करना कठिन हो सकता है. इसी वजह से कई परिवारों में पीरियड्स के दौरान हरतालिका तीज का व्रत करने से मना किया जाता है. परंपरा यह भी कहती है कि महिलाएं इस समय केवल मन से भगवान शिव-पार्वती का ध्यान और स्मरण कर सकती हैं, लेकिन प्रत्यक्ष पूजा, मूर्तियों का स्पर्श, कथा-पाठ या पूजन सामग्री चढ़ाना वर्जित माना गया है.

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अक्सर महिलाओं के मन में यह प्रश्न उठता है कि यदि हरतालिका तीज का व्रत मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान आ जाए, तो इसे सही तरीके से कैसे निभाया जाए. धर्मग्रंथों में मासिक धर्म को अशुद्ध अवस्था माना गया है, लेकिन वर्तमान समय में इसकी भावनाओं को समझते हुए कुछ व्यावहारिक उपाय अपनाए जा सकते हैं.

पीरियड्स में हरतालिका तीज व्रत के उपाय

संकल्प के साथ व्रत

इस स्थिति में पूजा-पाठ या मंदिर जाने की मनाही होती है, लेकिन व्रत का संकल्प किया जा सकता है. मन ही मन भगवान शिव-पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत निभाना पूर्ण माना जाता है.

पारंपरिक पूजा से परहेज

पीरियड्स के दिनों में मूर्तियों को छूना या कथा-पाठ करना वर्जित माना गया है. ऐसे में घर के किसी सदस्य से व्रत कथा पढ़वाई जा सकती है और महिला केवल मन ही मन सुनकर श्रद्धा रख सकती है.

मानसिक पूजा को प्राथमिकता

इस समय मानसिक पूजा सर्वोत्तम मानी जाती है. ध्यान, प्रार्थना, मंत्रजप या भगवान के नाम का स्मरण करके भी व्रत की भावना पूरी की जा सकती है.

स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उपवास

यदि शरीर की स्थिति ठीक हो तो निर्जला या फलाहार व्रत रखा जा सकता है. लेकिन कमजोरी अधिक हो तो जल ग्रहण करना या हल्का फलाहार लेना भी उचित है. व्रत की सफलता भावनाओं पर निर्भर करती है, कठोर नियमों पर नहीं.

विकल्प स्वरूप पूजा

यदि संभव हो तो पीरियड्स समाप्त होने के बाद शुद्ध अवस्था में किसी दूसरे दिन शिव-पार्वती की विधिवत पूजा करके व्रत का फल समर्पित किया जा सकता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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