गरुड़ पुराण का सबसे डरावना नरक, जहां इंसान को तड़पते हुए खा जाते हैं राक्षस

Updated at : 26 Feb 2025 8:48 AM (IST)
विज्ञापन
Garuda Purana

Garuda Purana

Garuda Purana: गरुड़ पुराण के अनुसार, मनुष्य को उसके कर्मों के आधार पर स्वर्ग या नरक में स्थान मिलता है. अच्छे कर्म करने वाले स्वर्ग जाते हैं, जबकि पापी आत्माओं को नरक में कठोर यातनाएं सहनी पड़ती हैं.

विज्ञापन

Garuda Purana: गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक है, जिसे वैष्णव पुराण भी कहा जाता है. यह ग्रंथ मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, स्वर्ग और नरक, यमलोक की प्रक्रिया, पुनर्जन्म और मोक्ष के सिद्धांतों को विस्तार से बताता है. इसमें भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद है, जिसमें मृत्यु के बाद आत्मा को मिलने वाले दंड और कर्मों के परिणामों का उल्लेख किया गया है.

मृत्यु के बाद आत्मा को स्वर्ग या नरक कैसे प्राप्त होता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार, मनुष्य को उसके कर्मों के आधार पर स्वर्ग या नरक में स्थान मिलता है. अच्छे कर्म करने वाले स्वर्ग जाते हैं, जबकि पापी आत्माओं को नरक में कठोर यातनाएं सहनी पड़ती हैं. गरुड़ पुराण में कुल 36 प्रकार के नरकों का उल्लेख है, जिनमें प्रत्येक में विशेष प्रकार की सजा दी जाती है.

नरक कहां स्थित है?

गरुड़ पुराण के अनुसार, स्वर्ग कैलाश पर्वत के ऊपर स्थित है, जबकि नरक पृथ्वी के नीचे यानी पाताल लोक में माना गया है. उर्ध्व लोक (ऊपरी संसार) स्वर्ग कहलाता है, अधोलोक (नीचे का लोक) नरक होता है, और मध्यलोक वह स्थान है जहाँ मनुष्य निवास करते हैं.

सबसे भयानक नरक – रौरव नरक

भगवान विष्णु के अनुसार, 36 नरकों में से रौरव नरक सबसे भयंकर और पीड़ादायक माना गया है. इस नरक में एक विशाल अग्नि-कुंड होता है, जहाँ पापी आत्माओं को जलाया जाता है. इस नरक की भूमि हमेशा आग में जलती रहती है, जिससे आत्माओं को असहनीय पीड़ा होती है.

गरुड़ पुराण में वर्णित 36 नरक और उनकी सजाएं

महाविची नरक

  • पाप: गौहत्या करने वाले व्यक्ति इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: इस नरक में रक्त से भरे गड्ढों में बड़े-बड़े काँटे होते हैं, जिनसे आत्माओं को यातना दी जाती है.

मंजूस नरक

  • पाप: निर्दोष लोगों को सताने वाले व्यक्ति यहाँ भेजे जाते हैं.
  • सजा: जलते हुए डंडों से आत्माओं को पीटा जाता है.

 कुंभीपाक नरक

  • पाप: भूमि हड़पने वाले और ब्राह्मणों को सताने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: इस नरक में अंगारों और गर्म रेत में दंड दिया जाता है.

रौरव नरक

  • पाप: झूठ बोलने और झूठे बयान देने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: आत्माओं के शरीर में नुकीली कीलें ठोंकी जाती हैं.

अप्रतिष्ठित नरक

  • पाप: धर्मात्माओं की हत्या करने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: मलमूत्र से भरे नरक में आत्माओं को उल्टा डाल दिया जाता है.

विलेपक नरक

  • पाप: शराब पीने वाले ब्राह्मण इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: आत्माओं को जलती हुई आग में डाल दिया जाता है.

महाप्रभा नरक

  • पाप: पति-पत्नी के बीच संदेह फैलाने वाले यहाँ जाते हैं.
  • सजा: आत्माओं को बड़े काँटे में फंसाकर यातनाएँ दी जाती हैं.

जयंती नरक

  • पाप: अनैतिक संबंध बनाने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: उन्हें बड़े पत्थरों के नीचे कुचल दिया जाता है.

महारौरव नरक

  • पाप: घर, खेत या गाँव को जलाने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: इन्हें लगातार जलाया जाता है.

 तमिस्रा नरक

  • पाप: चोरी करने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: यमदूत इन्हें भयंकर शस्त्रों से दंडित करते हैं.

असिपत्र नरक

  • पाप: मित्रों का विश्वासघात करने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: इन्हें तलवार जैसे पत्तों वाले जंगल में डाल दिया जाता है.

शाल्मली नरक

  • पाप: व्यभिचार करने वाली स्त्रियाँ यहाँ भेजी जाती हैं.
  • सजा: उन्हें जलते हुए काँटों के पौधों से लिपटने के लिए मजबूर किया जाता है.

 कडमल नरक

  • पाप: पंचयज्ञ न करने वाले यहाँ भेजे जाते हैं.
  • सजा: विष्ठा, मूत्र और रक्त से भरे गड्ढों में रखा जाता है.

 काकोळ नरक

  • पाप: जो लोग भोजन में दूसरों को हिस्सा नहीं देते.
  • सजा: कीड़ों और गंदगी से भरे नरक में डाल दिया जाता है.

 महावत नरक

  • पाप: बेटियों को बेचने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: उन्हें विषैले कीड़ों से भरे नरक में रखा जाता है.

करम्हबालुका नरक

  • पाप: जीवन में धोखाधड़ी करने वाले इस नरक में जाते हैं.
  • सजा: गर्म रेत, अंगार और काँटों से भरी भूमि पर उन्हें चलने के लिए मजबूर किया जाता है.

अन्य नरकों में भी विभिन्न प्रकार की सजाएँ मिलती हैं, जैसे

  • क्रूर नरक: निर्दोष प्राणियों की हत्या करने वालों के लिए.
  • अंधतमिस्रा नरक: अपने परिवार को कष्ट देने वालों के लिए.
  • शीतोदक नरक: दूसरों को भोजन और जल से वंचित करने वालों के लिए.
  • लवण नरक: अन्यायपूर्वक धन कमाने वालों के लिए.
  • संघात नरक: माता-पिता का अपमान करने वालों के लिए.

क्या नरक से बचा जा सकता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार, यदि मनुष्य अपने जीवन में धार्मिक और सदाचारी कार्य करता है, तो वह नरक की यातनाओं से बच सकता है. सत्य, दान, सेवा, भक्ति और सद्गुणों को अपनाने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है.

Also Read: आज महाशिवरात्रि पर 149 सालों बाद बन रहा है ये शुभ संयोग, बुध और शनि एक साथ कुंभ राशि में होंगे स्थित

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola