गंगा सप्तमी पर है गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 22 Apr 2026 4:55 PM

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गंगा सप्तमी पर जरूरी है गंगा स्नान

Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी इस साल 23 अप्रैल को मनाई जाएगी. जानें तिथि, पौराणिक महत्व, गंगा स्नान, दान, दीपदान और मां गंगा की पूजा विधि से मिलने वाले पुण्य लाभ के बारे में.

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Ganga Saptami 2026: भारतवर्ष में मां गंगा को नदियों में सबसे पवित्र स्थान प्राप्त है. उन्हें केवल एक नदी नहीं, बल्कि देवी स्वरूप माना जाता है जो सभी पापों का नाश कर आत्मा को मोक्ष की ओर ले जाती हैं. हिंदू धर्म में मां गंगा को श्रद्धा, भक्ति और तपस्या का जीवंत प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि जब पृथ्वी पापों से भर गई थी, तब भगवान शिव ने अपनी जटाओं से मां गंगा को पृथ्वी पर प्रवाहित किया था.

गंगा सप्तमी 2026 की तिथि और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10:48 बजे से शुरू होकर 23 अप्रैल की रात 8:49 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर गंगा सप्तमी का पर्व 23 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन प्रातःकाल गंगा स्नान और पूजा का विशेष महत्व होता है.

गंगा सप्तमी का पर्व क्यों मनाया जाता है

गंगा सप्तमी को गंगा जयंती भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान, दान, व्रत और पूजन करके मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. यह पर्व केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग माना जाता है.

गंगा अवतरण की पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा भगीरथ की कठोर तपस्या के बाद मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं. उनके तीव्र वेग को रोकने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया और फिर धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया. गंगा का पृथ्वी पर आना केवल नदी का उद्गम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रसार माना जाता है.

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गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान और दान का महत्व

गंगा सप्तमी के दिन प्रयागराज, हरिद्वार, वाराणसी और ऋषिकेश जैसे तीर्थ स्थलों पर गंगा स्नान का विशेष पुण्य प्राप्त होता है. जो लोग गंगा तट पर नहीं जा सकते, वे घर पर स्नान में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इसके बाद तिल, भोजन, वस्त्र, जल या धन का दान करने से कई गुना पुण्य मिलता है.

गंगा सप्तमी पर दीपदान और भव्य आरती का आयोजन

इस दिन गंगा घाटों पर भव्य दीपदान और मां गंगा की आरती की जाती है. शाम के समय हजारों दीप गंगा में प्रवाहित किए जाते हैं. शंख ध्वनि, मंत्रोच्चार और भक्ति से पूरा वातावरण अत्यंत पावन और दिव्य हो उठता है.

गंगा सप्तमी की पूजन विधि

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां गंगा का ध्यान करें. “ॐ नमः शिवाय, गंगे नमः” मंत्र का जप करें. घर या मंदिर में गंगाजल से पूजा करें और फल, फूल तथा दीप अर्पित करें. दिनभर व्रत रखकर मां गंगा का स्मरण करना अत्यंत शुभ माना जाता है.

गंगा सप्तमी का आध्यात्मिक संदेश

गंगा सप्तमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, पापों से मुक्ति और मोक्ष की ओर बढ़ने का अवसर है. सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा कहीं भी की जाए, मां गंगा का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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