Premanand Ji Maharaj: क्या पिता के पापों का दंड बच्चों को भुगतना पड़ता है? जानिए क्या कहते हैं प्रेमानंद जी महाराज

Published by : Neha Kumari Updated At : 02 Feb 2026 12:04 PM

विज्ञापन

प्रेमानंद जी महाराज

Premanand Ji Maharaj: अक्सर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा कि पिता के कर्म और आचरण का सीधा प्रभाव संतान पर पड़ता है. कर्म और आचरण अच्छे और बुरे दोनों होते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज के माध्यम से कि जब पिता के कर्म बुरे हों, तो संतान को किन परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.

विज्ञापन

Premanand Ji Maharaj: हर एक इंसान की ज़िंदगी में पिता की अहम भूमिका होती है. पिता अपने बच्चों की ढाल बनकर हर स्थिति में उनके साथ खड़े रहते हैं—चाहे हालात अच्छे हों या बुरे. हर पिता चाहता है कि उसका बच्चा जीवन में सफल हो, आगे बढ़े और उससे भी बेहतर जीवन जिए.पिता के फैसले, व्यवहार और आदतें बच्चे के जीवन को गहराई से प्रभावित करती हैं. बच्चे अनजाने में ही पिता के आचरण से सीखते हैं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पिता के बुरे कर्मों का असर बच्चों पर भी पड़ता है? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब.

प्रेमानंद जी महाराज के विचार

इस विषय पर प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि पिता के बुरे कर्मों और पापों का दंड संतान को भी भुगतना पड़ता है. संतान को जीवन में दुख और कष्ट झेलने पड़ते हैं. इसी तरह, यदि संतान गलत रास्ते पर चलती है, तो उसका दंड पिता को भी सहना पड़ता है. जब संतान अधर्म या गलत आचरण करती है, तो समाज में पिता की निंदा होती है. उन्हें अपशब्द सुनने पड़ते हैं और उनके मान-सम्मान को ठेस पहुँचती है. अधर्म के रास्ते से कमाई गई हर वस्तु अंततः नष्ट हो जाती है.

प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि जो लोग गलत आचरण अपनाकर भी सुख भोगते हुए दिखाई देते हैं, वह उनके पिछले जन्म के पुण्य कर्मों का फल होता है. जिस दिन उनके पुण्य कर्म समाप्त हो जाते हैं, उसी दिन से जीवन में दुख, दर्द और कष्टों का सिलसिला शुरू हो जाता है.

यह भी पढ़ें: Premanand Ji Maharaj Quotes: अच्छे लोग ही क्यों अकेले रह जाते हैं? प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं वजह

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola