Chhath Puja 2024 Nahay Khaaye:  छठ नहाए खाए से इसलिए होती है की कद्दू भात से शुरूआत, जानें कारण

Updated:
विज्ञापन
Chhath Puja 2024 nahay khaaye

Chhath Puja 2024 nahay khaaye

Chhath Puja 2024: छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होगी.इस दिन कद्दू भात खाने की परंपरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन कद्दू भात का सेवन क्यों किया जाता है और इसके लाभ क्या हैं?

विज्ञापन

Chhath Puja 2024 Nahay Khaaye:   इस चार दिवसीय पर्व के पहले दिन नहाय-खाय की प्रक्रिया का आयोजन किया जाता है. इस साल 25 अक्टूबर 2025 को इस पर्व की शुरूआत होगी. इस दिन छठ व्रत करने वाली महिलाएं किसी भी नदी, तालाब या अन्य पवित्र जलाशयों में स्नान करके छठ पूजा की शुरुआत करती हैं. इस दिन कद्दू भात का प्रसाद तैयार किया जाता है, जिसे ग्रहण करके ही छठ व्रत का आरंभ होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि छठ पूजा में कद्दू चढ़ाने का कारण क्या है और इसके अनेक लाभ क्या हैं?

Chhath Puja 2024 Nahay Khaaye: आज छठ नहाय खाय के दिन भूलकर भी ना करें ये काम, रुष्ट हो जाएंगे सूर्य भगवान

कद्दू भात से छठ पूजा की शुरुआत क्यों होती है?

नहाय-खाय के दिन कद्दू भात का सेवन करने की परंपरा है. यह मान्यता है कि इस व्रत की शुरुआत कद्दू भात के बिना नहीं हो सकती. इस अवसर पर लहसुन और प्याज के बिना कद्दू, लौकी की सब्जी और चना दाल के साथ चावल बनाने का विधान है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कद्दू का चयन क्यों किया जाता है? वास्तव में, यह माना जाता है कि व्रती के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए छठ के पहले दिन कद्दू, लौकी की सब्जी और चना दाल का सेवन करना चाहिए. यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है.

कद्दू में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?

कद्दू में एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन A, E और C की प्रचुरता होती है. इसके साथ ही, इसमें फैटी एसिड भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है. यह एक उत्कृष्ट इम्युनिटी बूस्टर भी है.

यह महापर्व चार दिनों तक चलेगा

छठ पूजा की शुरुआत आज, जिसे नहाय-खाय कहा जाता है, से हो चुकी है. आज व्रती शुद्धता का पालन करते हुए लौकी की सब्जी, चने की दाल और भात का सेवन कर निर्जला उपवास की शुरुआत करेंगी. इसके पश्चात 26 अक्टूबर तारीख को खरना, 27 अक्टूबर को सायंकालीन अर्घ्यदान और 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के बाद पारण होगा. इसी के साथ इस महापर्व का समापन भी होगा.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

Frequently Asked Questions

नहाय-खाय के दिन कद्दू भात का सेवन करने की परंपरा है. यह मान्यता है कि इस व्रत की शुरुआत कद्दू भात के बिना नहीं हो सकती. इस अवसर पर लहसुन और प्याज के बिना कद्दू, लौकी की सब्जी और चना दाल के साथ चावल बनाने का विधान है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कद्दू का चयन क्यों किया जाता है? वास्तव में, यह माना जाता है कि व्रती के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए छठ के पहले दिन कद्दू, लौकी की सब्जी और चना दाल का सेवन करना चाहिए. यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है.