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Chaturmas 2022 Date: कब से शुरू हो रहा है चातुर्मास? जानें सही डेट, इस दौरान नहीं करने चाहिए ये काम

Updated at : 02 Jul 2022 6:36 PM (IST)
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Chaturmas 2022 Date: कब से शुरू हो रहा है चातुर्मास? जानें सही डेट, इस दौरान नहीं करने चाहिए ये काम

Chaturmas 2022 Date: ऐसा माना जाता है कि चातुर्मास के दौरान शुभ कार्य करने से अपशकुन और प्रतिकूल परिणाम मिलते हैं. यह व्यक्ति के जीवन में मुश्किलें भी लाता है. इन महीनों श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक के दौरान सभी शुभ कार्य जैसे विवाह, सिर मुंडन, उद्घाटन आदि को रोक दिया जाता है.

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Chaturmas 2022 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार चातुर्मास की शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से होती है. इस दिन से भगवान विष्णु निद्र योग में चले जाते हैं, जिसका अर्थ है कि वे चार महीने के लिए सो जाते हैं, इसलिए चातुर्मास (Chaturmas 2022) शुरू होता है. इन महीनों श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक के दौरान, सभी शुभ कार्य जैसे विवाह, सिर मुंडन, उद्घाटन आदि को रोक दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि चातुर्मास के दौरान शुभ कार्य करने से अपशकुन और प्रतिकूल परिणाम मिलते हैं. यह व्यक्ति के जीवन में मुश्किलें भी लाता है. इस बार देवशयनी एकादशी ((Devshayani Ekadashi 2022) 10 जुलाई को पड़ रही है और यह 4 नवंबर को समाप्त होगी. इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है.

चतुर्मास 2022 तिथियां (Chaturmas 2022 Date)

चतुर्मास 2022 तिथियां-

चातुर्मास 10 जुलाई से शुरू हो रहा है.

चातुर्मास 4 नवंबर को समाप्त हो रहा है

Chaturmas 20223 चातुर्मास के 4 महीने

आषाढ़ माह: देवशयनी एकादशी से लेकर आषाढ़ पूर्णिमा तक 6 तिथियां
श्रावण माह: पूरा महीना यानी 30 तिथियां
भाद्रपद माह: पूरा महीना यानी 30 तिथियां
अश्विन माह: पूरा महीना यानी 30 तिथियां
कार्तिक माह: देवउठनी एकादशी तक.

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Chaturmas 2022: चातुर्मास के दौरान क्या न करें

चातुर्मास के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं लेकिन धार्मिक कार्य जारी रहते हैं. यह समय पूजा, उपवास आदि के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. कहा जाता है कि इस अवधि में मनुष्य किसी भी प्रकार के व्रत की शुरुआत कर सकता है और जो इस समय उपवास शुरू करते हैं उन्हें दुगना फल मिलता है.

  • इन 4 महीनों में विवाह समारोह, बच्चे का नामकरण, उद्घाटन, सिर मुंडवाना, जनेऊ आदि सभी शुभ कार्य वर्जित हैं.

  • चातुर्मास के दौरान लोगों को किसी से झूठ नहीं बोलना चाहिए.

  • इस व्रत के दौरान दूध, तेल, बैगन, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन या मसालेदार भोजन, मांस और शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए.

  • बिस्तर के बजाय जमीन पर ही सोना चाहिए, ऐसा करने से भगवान सूर्य प्रसन्न होेते हैं.

  • इन चार महीनों के दौरान प्रतिदिन तुलसी की पूजा करने से दरिद्रता समाप्त होती है.

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