Badrinath Dham: आज वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, अखंड ज्योति के दर्शन करने को लेकर तीर्थ यात्रियों में भारी उत्साह

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 23 Sep 2024 3:32 PM

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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट

Badrinath Dham: बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व मंदिर को अच्छे ढंग से सजाया गया था. मंदिर को सजाने में 15 क्विंटल फूल लगाया गया था. मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर अखंड ज्योति के दर्शन करने को लेकर तीर्थ यात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.

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Badrinath Dham: उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इस दौरान अखंड ज्योति के दर्शन करने को लेकर तीर्थ यात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिला. इस पवित्र क्षण के हजारो श्रद्धालु साक्षी बने. हालांकि इससे पहले 10 मई को केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खोले गए थे.वहीं बद्रीनाथ के कपाट इस समय तक नहीं खुला था,जो आज सुबह 12 मई को बद्रीनाथ के कपाट को खोल दिया गया है. इसके साथ ही चारधाम की यात्रा शुरू हो चुकी है. आज हल्की बारिश के बीच आर्मी बैंड और ढोल नगाड़ों की मधुर धुन और स्थानीय महिलाओं के पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

आज से चारधाम यात्रा शुरू
बद्रीनाथ यात्रा एक महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा है, जो मुख्य रूप से भगवान विष्णु के भक्तों द्वारा की जाती है. मंदिर के खुलने से पूर्व मंदिर को अच्छे ढंग से सजाया गया था. मंदिर को सजाने में 15 क्विंटल फूल लगाया गया था. मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर अखंड ज्योति के दर्शन करने को लेकर तीर्थ यात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट छह माह के अंतराल के बाद खुले हैं. जानकारी के अनुसार पिछले साल 18 नवंबर से शीतकाल के लिए बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए गए थे, जो आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. आज उत्तराखंड के चार धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं. बता दें कि तीर्थयात्रा हर साल आम तौर पर अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में शुरू होती है और नवंबर तक जारी रहती है.

आज खुल गए बद्रीनाथ धाम के कपाट
जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में तीर्थयात्री बद्रीनाथ धाम पहुंच चुके हैं. वहीं 20 हजार से अधिक लोग अलग-अलग पड़ावों पर मौजूद हैं. गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट को 10 मई 2024 दिन शुक्रवार को ही खोल दिया गया था. इसी दिन से चारधाम की यात्रा प्रारंभ हो गई थी. बता दें कि चारधाम की यात्रा पर जाने से पूर्व सभी लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें, नहीं तो आपको दिक्कत हो सकती है. बता दें कि ऑनलाइन माध्यम से अधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या ऐप touristcareuttarakhand के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. वहीं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन आप ऋषिकेश जाकर करा सकते हैं.

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चार धाम यात्रा शुरू
श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट छह माह के अंतराल के बाद खुले हैं. पिछले साल 18 नवंबर से शीतकाल के लिए बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए गए थे. लेकिन अब उत्तराखंड के चार धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं. इससे पहले तीन धाम श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री धाम के कपाट दो दिन पहले 10 मई दिन शुक्रवार अक्षय तृतीया के दिन खोले जा चुके हैं. श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा कपाट खोलने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं. कपाट खुलने के अवसर पर श्री बद्रीनाथ मंदिर को श्री बद्रीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश के सहयोग से मंदिर समिति द्वारा सजाया गया है.

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बद्रीनाथ धाम के कपाट कितने समय बाद खोले गए?

बद्रीनाथ धाम के कपाट छह माह के अंतराल के बाद खोले गए हैं, जो 18 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे.

बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खोले गए?

बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले गए.

चारधाम यात्रा की शुरुआत कब हुई?

चारधाम यात्रा 10 मई 2024 को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी. बद्रीनाथ के कपाट 12 मई को खोले गए.

बद्रीनाथ धाम को सजाने में कितने फूलों का उपयोग किया गया?

बद्रीनाथ धाम को सजाने में 15 क्विंटल फूलों का उपयोग किया गया.

चारधाम यात्रा पर जाने से पहले क्या करना जरूरी है?

चारधाम यात्रा पर जाने से पहले तीर्थ यात्रियों को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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