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Chandra Grahan 2025: गृहस्थों के लिए ग्रहण काल में उपवास का नियम

Updated at : 07 Sep 2025 8:09 AM (IST)
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Chandra Grahan 2025 Guidelines

गृहस्थों के लिए चंद्रग्रहण के दौरान के नियम

Chandra Grahan 2025: शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल को अत्यंत संवेदनशील माना गया है. खासकर गृहस्थ लोगों के लिए इस अवधि में उपवास रखना वर्जित बताया गया है. हालांकि यदि व्रत करना हो तो ग्रहण से तीन दिन पूर्व आरंभ करना चाहिए. जानें ग्रहण काल से जुड़े नियम, सावधानियां और धार्मिक मान्यताएं.

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सलिल पाण्डेय, मिर्जापुर

Chandra Grahan 2025: शास्त्रों में ग्रहण काल को विशेष और संवेदनशील समय माना गया है. सामान्यतः गृहस्थ लोगों के लिए ग्रहण के दिन व्रत या उपवास का निषेध बताया गया है. यदि कोई व्यक्ति व्रत रखना ही चाहे, तो उसे ग्रहण लगने से तीन दिन पूर्व से ही व्रत करना चाहिए. इससे ग्रहण काल में होने वाले दोषों का प्रभाव कम हो जाता है.

भाद्रपद पूर्णिमा का चंद्रग्रहण: समय और अवधि

इस बार का चंद्रग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ रहा है. ग्रहण का प्रारंभ रात्रि 9:57 बजे, मध्य रात्रि 11:49 बजे और मोक्ष रात्रि 1:27 बजे होगा.

भोजन और पेय पर नियम: कब से करना चाहिए परहेज

शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के प्रभावी होने से लगभग 9 घंटे पहले से भोजन और पेय पदार्थ ग्रहण करने पर रोक होती है. हालांकि आवश्यकता पड़ने पर गंगाजल पीने की अनुमति दी गई है, क्योंकि इसे पवित्र और दोषहर माना गया है.

खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के उपाय

ग्रहण काल में घर में रखी खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उसमें कुशा, तुलसी पत्र या तिल डालने की परंपरा है. ऐसा करने से माना जाता है कि ग्रहण की नकारात्मक तरंगों का असर उन पर नहीं होता और वे दूषित नहीं मानी जातीं.

Chandra Grahan 2025: मानव शरीर और ब्रह्मांड, चंद्रग्रहण का गहरा संबंध 

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में सावधानी बरतनी चाहिए. शास्त्रों में सुझाव दिया गया है कि गर्भवती स्त्रियां ग्रहण के स्पर्श से लेकर मोक्ष काल तक अपनी नाभि पर गाय का गोबर लगाएं या गोद में नारियल रखकर बैठें. इससे गर्भस्थ शिशु पर ग्रहण की प्रतिकूल ऊर्जा का असर नहीं पड़ता.

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां

संक्षेप में, चंद्रग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि भारतीय परंपरा में इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना गया है. इसलिए ग्रहण के दौरान आचरण, आहार और सावधानियों का पालन करना आवश्यक है ताकि जीवन और स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव न पड़े.

आज लगने जा रहा है साल का दूसरा चंद्रग्रहण

आज 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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