चैत्र नवरात्रि 2026 चौथा दिन: इस व्रत कथा के बिना अधूरी है मां कुष्मांडा की पूजा

Edited by Neha Kumari
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मां कुष्मांडा (एआई निर्मित तस्वीर)

Chaitra Navratri 2026: माता कुष्मांडा की आराधना के समय व्रत कथा का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है. कहते हैं कि इससे माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. यह भी माना जाता है कि कथा के पाठ से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है.

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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा का विधान है. ‘कु’ का अर्थ छोटा, ‘ष्म’ का अर्थ ऊर्जा और ‘अंडा’ का अर्थ ब्रह्मांड होता है. मान्यता है कि जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर घना अंधकार था, तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी. इसलिए इन्हें कुष्मांडा कहा जाता है. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता की आराधना करता है और व्रत कथा का पाठ करता है, उस पर माता की कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

मां कुष्मांडा व्रत कथा

सनातन धर्म की कथाओं के अनुसार, एक समय ऐसा था जब न सूरज था, न चाँद और न ही यह धरती. चारों ओर गहरा अंधकार और सन्नाटा छाया हुआ था. ऐसे में जब भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने सृष्टि की रचना का विचार किया, तो उन्होंने आदिशक्ति मां दुर्गा का स्मरण किया.

तब मां दुर्गा ने ‘कुष्मांडा’ के रूप में प्रकट होकर एक हल्की मुस्कान बिखेरी. उनकी उस मंद हंसी से ऊर्जा की लहरें उत्पन्न हुईं और देखते ही देखते अंधकार दूर हो गया तथा पूरे ब्रह्मांड की रचना हो गई. चूंकि मां ने अपनी मुस्कान से इस पूरे ब्रह्मांड को उत्पन्न किया, इसलिए उनका नाम ‘कुष्मांडा’ पड़ा.

मां कुष्मांडा का स्वरूप

मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है. उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और सिद्धियों व निधियों को प्रदान करने वाली जपमाला होती है. मां सिंह की सवारी करती हैं. शास्त्रों के अनुसार, मां कुष्मांडा का निवास सूर्य लोक में माना जाता है.

मां कुष्मांडा की पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा की पूजा करने से आरोग्य और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान मिलता है. मां की कृपा से साधक की बुद्धि तीव्र होती है और समाज में यश व मान-सम्मान बढ़ता है. आध्यात्मिक साधकों के लिए यह दिन अनाहत चक्र को जागृत कर सिद्धियां प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.

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