Chhath Puja 2025: चैती छठ और कार्तिक छठ में क्या अंतर है? जानें व्रत पूजा के नियम और महत्व
Published by : Shaurya Punj Updated At : 11 Oct 2025 12:47 PM
चैती छठ पूजा
Chaiti Chhath Puja 2025: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पंचमी तिथि, षष्ठी तिथि और सप्तमी तिथि तक छठ पर्व मनाया जाता है.
Chaiti Chhath Puja 2024: छठ पूजा साल में दो बार होती है. चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ व कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है. चैत्र मास और कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पंचमी तिथि, षष्ठी तिथि और सप्तमी तिथि तक छठ पर्व मनाया जाता है. षष्ठी माता को कात्यायनी माता के नाम से भी जाना जाता है. इसलिए चैत्र नवरात्रि के दिन में हम षष्ठी माता की पूजा करते हैं. षष्ठी माता कि पूजा घर परिवार के सदस्यों के सुरक्षा एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए की जाती हैं. षष्ठी माता की पूजा, सूर्य भगवान और मां गंगा की पूजा देश में एक लोकप्रिय पूजा है. छठ पूजा प्राकृतिक सौंदर्य और परिवार के कल्याण के लिए की जाने वाली एक महत्वपूर्ण पूजा है. छठ पूजा में गंगा स्थान या नदी तालाब जैसे जगह होना अनिवार्य हैं. छठ पूजा के लिए सभी नदी तालाब कि साफ सफाई करने के साथ-साथ नदी तालाब को सजाया जाता है.
क्यों मनाया जाता है छठ
लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं. छठ में संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए व्रती भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं. धार्मिक मान्यता है कि छठ पूजा करने से परिवार में सुख, समृद्धि और शांति आती है. छठ पूजा में भगवान सूर्य देव की पूजा का विधान है. संध्या अर्घ्य के दिन भगवान सूर्य को अस्त होते हुए अर्घ्य दिया जाता है. वहीं, अगले दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व संपन्न किया जाता है. इसलिए इसे सूर्य षष्ठी व्रत भी कहते हैं.
चैती छठ पूजा के नियम क्या है ?
छठ पूजा का पर्व नहाय-खाय से शुरू होता है. इस दिन साफ-सफाई करने के बाद सात्विक भोजन बनाने का विधान है. खाने में लहसुन और प्याज का प्रयोग करने से बचना चाहिए. छठ का प्रसाद केवल उन्हीं लोगों द्वारा बनाया जाता है, जिनको यह व्रत रखना है. अगर आप व्रत रख रहे हैं तो प्रसाद बनाते समय स्वच्छता और शुद्धता का पालन जरूर करें. छठ प्रसाद की पवित्रता भंग हुई तो प्रसाद पूजा में प्रयोग करने योग्य नहीं रहेगा और आपकी पूजा अधूर ही रह जाएगी.
छठ पूजा खरना /लोहंडा कब है ?
खरना: 26 अक्टूबर, रविवार
शाम को रोटी, गुड़ की खीर और फल का भोग लगाया जाता है.
प्रसाद ग्रहण के बाद निर्जला व्रत की शुरुआत होती है.
चैती छठ अर्घ्य कब है
सूर्य षष्ठी (मुख्य छठ पूजा): 27 अक्टूबर, सोमवार
शाम को घाट पर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.
छठ मईया के गीत गाते हुए विधिपूर्वक पूजा की जाती है.
सूर्योदय अर्घ्य: 28 अक्टूबर, मंगलवार
सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु की कामना.
इसी दिन 36 घंटे तक चलने वाला व्रत समाप्त होता है.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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