मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा और आरती क्यों है खास, जानें महत्व
Published by : Neha Kumari Updated At : 30 Mar 2026 11:26 PM
भगवान हनुमान
Bhagwan Hanuman: मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की विशेष रूप से पूजा की जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन को इतना महत्व क्यों दिया जाता है? आखिर इस दिन भगवान हनुमान की पूजा क्यों की जाती है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं.
Bhagwan Hanuman: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है. इस दिन भक्त विशेष रूप से बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं और उनकी आरती उतारते हैं. मान्यता है कि मंगलवार को सच्चे मन से भगवान हनुमान की भक्ति करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
मंगलवार और हनुमान जी का संबंध
हनुमान जी का जन्म: पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी का जन्म मंगलवार के दिन ही हुआ था. इसलिए यह दिन उन्हें सबसे अधिक प्रिय है. कहा जाता है कि इस दिन की गई पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होता है.
मंगल ग्रह: ज्योतिषीय दृष्टि से मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है, जिसे ‘शक्ति’ का प्रतीक माना जाता है. हनुमान जी स्वयं असीम शक्ति के स्वामी हैं. इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से व्यक्ति के भीतर का डर समाप्त होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. इसके अलावा, जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष (मांगलिक दोष) होता है, उन्हें हनुमान जी की पूजा करने की सलाह दी जाती है, ताकि इस दोष के अशुभ प्रभाव कम हो सकें.
शनि देव का वरदान: पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ने शनि देव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था. तब शनि देव ने वचन दिया था कि जो भी व्यक्ति मंगलवार या शनिवार को हनुमान जी की पूजा करेगा, उस पर शनि की टेढ़ी दृष्टि (साढ़ेसाती या ढैया) का बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा.
हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की.
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरवर काँपे.
रोग-दोष जाके निकट न झाँके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई.
संतन के प्रभु सदा सहाई॥
आरती कीजै हनुमान लला की॥
दे वीरा रघुनाथ पठाए.
लंका जारि सिया सुधि लाए॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई.
जात पवनसुत बार न लाई॥
आरती कीजै हनुमान लला की॥
लंका जारि असुर संहारे.
सियाराम जी के काज सँवारे॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सुकारे.
लाए संजीवन प्राण उबारे॥
आरती कीजै हनुमान लला की॥
पैठि पाताल तोरि जमकारे.
अहिरावण की भुजा उखाड़े॥
बाईं भुजा असुर दल मारे.
दाहिने भुजा संतजन तारे॥
आरती कीजै हनुमान लला की॥
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारें.
जय-जय-जय हनुमान उचारें॥
कंचन थार कपूर लौ छाई.
आरती करत अंजना माई॥
आरती कीजै हनुमान लला की॥
जो हनुमान जी की आरती गावे.
बसहिं बैकुंठ परम पद पावे॥
लंका विध्वंस किए रघुराई.
तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई॥
आरती कीजै हनुमान लला की.
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
॥ इति संपूर्णम् ॥
यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










