बकरीद पर क्यों दी जाती है कुर्बानी, यहां से कंफर्म करें सही डेट

Published by : Shaurya Punj Updated At : 27 May 2026 8:15 AM

विज्ञापन

बकरीद 2026 का धार्मिक महत्व

Bakrid 2026: बकरीद 2026 इस्लाम धर्म का पवित्र त्योहार है. जानें ईद-उल-अजहा की सही तारीख, चांद दिखने की जानकारी, कुर्बानी का इतिहास और इस पर्व का धार्मिक महत्व.

विज्ञापन

Bakrid 2026: ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है, इस्लाम धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है. यह पर्व हर वर्ष इस्लामी कैलेंडर के अंतिम महीने जुल हिज्जा में मनाया जाता है. दुनियाभर के मुसलमान इस दिन अल्लाह के प्रति अपनी आस्था, समर्पण और कुर्बानी की भावना व्यक्त करते हैं. बकरीद केवल एक त्योहार नहीं बल्कि त्याग, इंसानियत और ईमान की मिसाल माना जाता है.

हर साल की तरह इस बार भी लोगों के बीच बकरीद की तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ था, क्योंकि इस्लामी त्योहारों की तिथि चांद दिखाई देने पर निर्भर करती है. कई लोग 27 मई और 28 मई को लेकर भ्रमित थे, लेकिन अब चांद दिखने के बाद बकरीद की तारीख स्पष्ट हो चुकी है.

कब मनाई जाएगी बकरीद 2026?

इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, ईद-उल-अजहा जुल हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाई जाती है. भारत में 18 मई को जुल हिज्जा का चांद दिखाई दिया था, जिसके बाद 19 मई से नए महीने की शुरुआत मानी गई. ऐसे में जुल हिज्जा की 10वीं तारीख 28 मई, गुरुवार को पड़ रही है. इसी दिन पूरे भारत में बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा.

मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन सुबह विशेष नमाज अदा करते हैं और इसके बाद कुर्बानी की रस्म निभाई जाती है. मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने पहुंचते हैं और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं.

बकरीद का धार्मिक महत्व

बकरीद का त्योहार त्याग और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं. इस पर्व की सबसे खास परंपरा कुर्बानी है, जिसे इस्लाम में बेहद महत्वपूर्ण माना गया है.

मान्यता है कि कुर्बानी केवल जानवर की नहीं बल्कि अपने अहंकार, लालच और बुराइयों को त्यागने का संदेश देती है. यही वजह है कि बकरीद को इंसानियत और समर्पण का त्योहार भी कहा जाता है.

क्यों दी जाती है कुर्बानी?

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार अल्लाह ने पैगंबर हज़रत इब्राहीम की परीक्षा लेने का निर्णय किया. अल्लाह ने उन्हें ख्वाब में अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने का आदेश दिया. हज़रत इब्राहीम अपने इकलौते बेटे हज़रत इस्माइल से सबसे अधिक प्रेम करते थे. बावजूद इसके, उन्होंने अल्लाह के हुक्म को मानने का फैसला किया.

जब वह अपने बेटे को कुर्बानी देने के लिए ले जा रहे थे, तब रास्ते में शैतान ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि वह किसी जानवर की कुर्बानी दे दें. लेकिन हजरत इब्राहीम ने इसे अल्लाह के आदेश के खिलाफ माना और आगे बढ़ गए.

ये भी पढ़ें: ईद अल अजहा 2026: कुर्बानी, इंसानियत और त्याग का संदेश देने वाला पर्व

कहा जाता है कि पुत्र मोह आड़े न आए, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली और कुर्बानी देने लगे. लेकिन जब उन्होंने पट्टी हटाई, तो देखा कि उनका बेटा सुरक्षित खड़ा है और उसकी जगह एक डुम्बे की कुर्बानी हो चुकी थी. तभी से इस्लाम में जानवर की कुर्बानी देने की परंपरा शुरू हुई.

बकरीद का संदेश

बकरीद हमें त्याग, समर्पण और मानवता का संदेश देती है. यह त्योहार सिखाता है कि सच्ची आस्था वही है जिसमें इंसान अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के लिए सोचता है. इस दिन लोग गरीबों और जरूरतमंदों में खाना बांटते हैं और समाज में प्रेम और भाईचारे को मजबूत करते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola