सावधान! हिन्दू नववर्ष में ‘रौद्र’ संवत्सर की दस्तक, इन 5 बातों की अनदेखी बनेगी विनाश का कारण

रौद्र संवत्सर 2026
Astrology Alert 2026: हिन्दू नववर्ष 2083: (vikram samvat 2083) हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए संवत्सर की शुरुआत होती है. इस वर्ष 'रौद्र' नामक संवत्सर प्रारम्भ हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र में "रौद्र" नाम के संवत्सर को थोड़ा कठोर और उग्र माना जाता है, क्योंकि इसके स्वामी स्वयं भगवान शिव का रुद्र रूप हैं. यदि आप इस नए संवत्सर में सुख-शान्ति चाहते हैं, तो इन पांच बातों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
Astrology Alert 2026: वर्ष 2026 में बृहस्पति (गुरु) का गोचर सबसे अधिक निर्णायक होने वाला है. दूसरी ओर मंगल का मकर राशि में प्रवेश और शनि की वक्री चाल एक ‘महादंगल’ की ओर इशारा कर रही है. मकर से मेष राशि तक शनि के गोचर काल में न्याय का दंड चल रहा है. ऐसे में वर्ष 2026 में असली चुनौती 19 मार्च 2026 से शुरू होगी, जब ‘रौद्र नामक संवत्सर’ का उदय होगा. जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह समय अपने साथ भीषण विनाश और नरसंहार लेकर आ सकता है. ऐसे में पांच बातों पर विशेष ध्यान रखें.
वाणी और क्रोध पर नियन्त्रण
लोगों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और क्रोध की अधिकता देखी जाएगी, इसलिए बिना सोचे-समझे न बोलें. कड़वे वचन कहने से बचें. पारिवारिक कलह और रिश्तों में दरार के मामले बढ़ जाएंगे. यदि आपकी यह आदत घर के बाहर भी है तो कार्यस्थल या अन्य जगहों पर आप परेशानी में पड़ सकते हैं.
स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता
ज्योतिषीय कालचक्र गणनाओं के अनुसार, इस काल में रक्त सम्बन्धी विकार, पितृ दोष और संक्रामक रोगों का प्रभाव बढ़ सकता है. अपने खान-पान को शुद्ध रखें और नियमित व्यायाम करें। मौसमी बीमारियों को हल्के में न लें और योग का सहारा लें। बाहर के खाने में स्ट्रीट फूड, जंग फूड, फ्रॉजन फूड और प्रोसेस्ड फूड से बचकर रहें। पानी की शुद्धता की जाँच करें।
आर्थिक जोखिम से बचाव
संवत्सर के उग्र स्वभाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है. अनावश्यक खर्च और बड़े निवेश में जोखिम हो सकता है. धन का संचय करें. सट्टा बाजार या बिना पूरी जानकारी के किसी भी बड़े वित्तीय प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें. बचत पर ध्यान दें.
प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाव
रौद्र संवत्सर में प्राकृतिक उथल-पुथल जैसे भारी वर्षा, आंधी-तूफान या आगजनी की घटनाएं अधिक होने की सम्भावना रहती है. यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और वाहन धीमी गति से चलाएं. घर में अग्नि और बिजली के उपकरणों का रखरखाव सही रखें.
सामाजिक और विवादित मुद्दों से दूरी
इस वर्ष जनमानस में असंतोष और आक्रोश की भावना प्रबल हो सकती है, जिसके चलते सामाजिक वैमनस्य, जातिवाद और वर्ग संघर्ष जैसी स्थितियां उभरने की आशंका है. छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकते हैं और कानूनी उलझनों की संख्या भी बढ़ने के संकेत मिलते हैं. सोशल मीडिया पर फैलने वाला भ्रम और अफवाहें समस्याओं को और गंभीर बना सकती हैं. ऐसे में अपने व्यवहार, वाणी और प्रतिक्रियाओं में संयम रखना अत्यंत आवश्यक होगा, इस दौरान लोगों से मिलते-जुलते समय सतर्क रहें. अनैतिक कार्य, झगड़े या कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूरी बनाए रखें. दूसरों के विवादों में उलझने के बजाय अपने कार्य और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना ही इस वर्ष सुरक्षित और लाभकारी सिद्ध होगा.
उपाय: इस सम्वत्सर के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव, माता दुर्गा, श्रीराम, कृष्ण या हनुमान जी की भक्ति एवं आराधना करना अत्यन्त आवश्यक होगा.
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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