अक्षय तृतीया पर मिट्टी का घड़ा क्यों खरीदा और दान किया जाता है? जानें धार्मिक महत्व 

Published by : Neha Kumari Updated At : 19 Apr 2026 8:36 AM

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अक्षय तृतीया की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के दिन लोग अपने घरों में मिट्टी का घड़ा खरीदकर लाते हैं और साथ ही इसका दान भी करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? अगर हां, तो आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं इसके पीछे छिपे धार्मिक महत्व और मान्यताओं के बारे में.

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Akshaya Tritiya 2026: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हर साल अक्षय तृतीया मनाई जाती है. इस दिन को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, क्योंकि इस दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने के लिए शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती. साल 2026 में यह पावन पर्व आज, यानी 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है. इस दिन लोग विशेष रूप से सुख-समृद्धि की कामना के लिए खरीदारी करते हैं. लोग तरह-तरह की वस्तुएं खरीदते हैं और दान करते हैं, जिनमें से एक है मिट्टी का घड़ा. आइए जानते हैं अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी का घड़ा खरीदने का महत्व.

महत्व और मान्यता

पितरों की तृप्ति और आशीर्वाद: धार्मिक मान्यता है कि वैशाख की भीषण गर्मी में जब हम शीतल जल से भरा घड़ा दान करते हैं, तो इससे हमारे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. कहा जाता है कि इस दिन किया गया जलदान पितरों को सीधे तृप्त करता है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि और वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

ग्रहों की शांति: मिट्टी का घड़ा घर लाना साक्षात महालक्ष्मी और भगवान विष्णु के कलश को स्थापित करने जैसा माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घड़े में भरा जल चंद्रमा और बुध ग्रह का प्रतीक होता है. इसे घर में रखने से मानसिक शांति मिलती है और घर के वास्तु दोष दूर होते हैं.

नकारात्मक ऊर्जा होती है दूर: मिट्टी के घड़े को ‘पुण्य का कलश’ माना जाता है. अक्षय तृतीया पर नए घड़े का पानी पीना और पिलाना ‘अमृत’ के समान फलदायी बताया गया है. इससे स्वास्थ्य लाभ होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

अक्षय तृतीया 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • तिथि: रविवार, 19 अप्रैल 2026
  • तृतीया तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल, सुबह 10:49 बजे से
  • तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल, सुबह 07:27 बजे तक

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लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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