पंचांग 15 मार्च 2026: आज चैत्र कृष्णपक्ष की एकादशी उपरांत द्वादशी तिथि, जानें शुभ-अशुभ समय

आज का पंचांग
Aaj Ka Panchang 15 March 2026: आज पापमोचनी एकादशी का शुभ संयोग है. यह व्रत पापों का नाश करने, अनजाने में की गई गलतियों से मुक्ति पाने और भगवान विष्णु (लक्ष्मी नारायण) का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए रखा जाता है.
Aaj Ka Panchang 15 March 2026: आज 15 मार्च 2026 दिन रविवार है. पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि सुबह 06 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, उपरांत द्वादशी तिथि आरम्भ हो जाएगी. सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य के साथ शुक्र और शनि मीन राशि में रहेंगे. मंगल, बुध, राहु कुम्भ राशि में विराजमान है. चंद्रमा मकर राशि संचरण करेंगे. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं और केतु सिंह राशि में मौजूद रहेंगे.
Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग 15 मार्च 2026 दिन रविवार
तिथि, वार व संवत
तिथि: चैत्र कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि सुबह 06 बजकर 57 मिनट तक रहेगी उपरांत द्वादशी तिथि आरम्भ हो जाएगी.
वार: रविवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्योदय: 05:58 AM
सूर्यास्त: 05:58 PM
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वसंत
नक्षत्र, योग व करण
नक्षत्र: श्रवण (रात 4:09 AM तक) उपरांत धनिष्ठा
योग: परिघ(सुबह 08:48 AM तक) उपरांत शिव
करण: वालव उपरांत कौलव
ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)
चंद्रमा: मकर राशि
मंगल,बुध और राहू : कुंभ राशि
गुरु : मिथुन राशि
सूर्य, शनि, शुक्र : मीन राशि
केतु : सिंह राशि
दिन का चौघड़िया (पटना)
उद्वेग (अशुभ): 05:58 AM से 07:28 AM
चर (सामान्य): 07:28 AM से 08:58 AM
लाभ (उन्नति): 08:58 AM से 10:28 AM
अमृत (सर्वोत्तम): 10:28 AM से 11:58 AM
काल (हानि): 11:58 AM से 01:28 PM
शुभ (उत्तम): 01:28 PM से 02:58 PM
रोग (अशुभ): 02:58 PM से 04:28 PM
उद्वेग (अशुभ): 04:28 PM से 05:58 PM
आज का शुभ समय (मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:34 AM से 12:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:23 AM से 05:11 AM
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:57 PM से 02:44 PM
आज का अशुभ समय
राहुकाल: शाम 04:28 PM से 05:58 PM
यमगण्ड: दोपहर 11:58 AM से 01:28 PM
गुलिक काल: दोपहर 02:58 PM से 04:28 PM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (यात्रा आवश्यक हो तो घी या दलिया खाकर निकलें)
आज का विशेष योग व उपाय
विशेष: आज पापमोचनी एकादशी का शुभ संयोग है. यह व्रत पापों का नाश करने, अनजाने में की गई गलतियों से मुक्ति पाने और भगवान विष्णु (लक्ष्मी नारायण) का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. मान्यता है कि यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि लाता है और सभी प्रकार के कष्टों को दूर करता है. इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. पापमोचनी एकादशी की व्रत कथा मेधावी ऋषि और अप्सरा मंजुघोषा से संबंधित है, जो इस व्रत के महत्व को दर्शाती है कि यह व्रत व्यक्ति को पिशाच योनि से भी मुक्ति दिला सकता है.
सरल उपाय: रविवार दिन होने के कारण उगते सूर्य को जल दें. पापमोचनी एकादशी के कारण भगवान विष्णु की पूजा करे .
ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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