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श्रावण विशेष : दूसरी सोमवारी आज, मास शिवरात्रि का उत्तम संयोग

Updated at : 01 Aug 2016 8:43 AM (IST)
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श्रावण विशेष : दूसरी सोमवारी आज, मास शिवरात्रि का उत्तम संयोग

श्रावण (सावन) मास की दूसरी सोमवारी इस वर्ष उत्तम संयोग लेकर आ आई है. श्रावणी मास एवं सोमवार के साथ ही इसी दिन मास शिवरात्रि भी है. श्रावण मास भगवान शिव को प्रिय है और सोमवार दिन भी उनको अति प्रिय है. फिर उसमें शिवरात्री का संयोग उसके महत्व को बढ़ा देता है, जिसके कारण […]

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श्रावण (सावन) मास की दूसरी सोमवारी इस वर्ष उत्तम संयोग लेकर आ आई है. श्रावणी मास एवं सोमवार के साथ ही इसी दिन मास शिवरात्रि भी है. श्रावण मास भगवान शिव को प्रिय है और सोमवार दिन भी उनको अति प्रिय है. फिर उसमें शिवरात्री का संयोग उसके महत्व को बढ़ा देता है, जिसके कारण शिव भक्तों को इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास अवश्य करना चाहिए. महाशिवरात्रि के दिन व्रती को स्नानादि से निवृत होकर व्रत संकल्प करें. फिर शिवालय जाकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण करें, फिर दिन भर उपवास रखते हुए संध्या काल के बाद पुन: शिवालय जाकर माता पार्वती सहित भगवान भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए. श्रावण सोमवार व शिवरात्रि व्रत का पारण मंगलवार प्रात: 6.18 बजे के बाद कभी भी किया जा सकता है.

रजत या ताम्र पात्र से ही शिव पर जल चढ़ायें

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनपर रजत या ताम्र पात्र से ही जल चढ़ाना श्रेयस्कर माना जाता है. उक्त जल में अगर अक्षत व बेल पत्र मिला दिया जाये तो अति उत्तम होता है.

भगवान शिव को कदापि न चढ़ायें ये चीजें

केवड़ा, शिरीष, बकुल, कैथ, गाजर, बहेड़ा, कदंब, कपास, सेमल, अनार, जूही, दुपहरिया फूल आदि कभी भी अर्पित नहीं करना चाहिए.

भगवान भोलेनाथ को अर्पित निम्न चीजें

भगवान शिव को कनेर, आक, धतूरा, कास, मांदर, अपराजिता, शमी, शमी पत्र, बेल पत्र, शंखपुष्पी, अपामार्ग, कमल, चमेली, नागचंपा, चंपा खास, नागर, नागकेसर, शीशम, गूलर, जयंती, बेला, पलाश, केसर, नील एवं लाल कमल आदि अर्पण किये जाने चाहिए.

पूजन का उपयुक्त समय

प्रात: 5.16 से 6.54 बजे तक

प्रात: 9.00 बजे से 10.13 बजे तक

दोपहर 1.36 बजे से 6.15 बजे तक

पूजा का विशेष समय

दिन के 11.25 बजे से 12.18 बजे तक

संध्या 6.26 से 7.15 बजे तक

डेढ़ लाख से अधिक कांवरिये पहुंचे बाबाधाम

रविवार की देर शाम से ही सोमवार को जल चढ़ाने वाले कांवरियों की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ने लगी. हालांकि प्रशासन को पूर्व से ही आभास था कि दूसरी सोमवारी को डेढ़ लाख से अधिक कांवरिये बाबाधाम पहुंचेंगे. इसकी तैयारी को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है. भीड़ का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक प्रति घंटा 20 हजार प्रवेश कार्ड कांवरिये प्राप्त कर कतार में लगने के लिए बाबाधाम पहुंच रहे हैं. डीसी अरवा राजकमल ने जानकारी दी है कि रविवार को रिकार्ड प्रवेश कार्ड निर्गत किया गया. कांवरियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण कल दूसरी सोमवारी का होना है.

रविवार की संध्या 5:30 बजे तक कुल 1,13,733 प्रवेश कार्ड निर्गत किया गया है. जिसमें से दुम्मा से 66,850, बाघमारा से 17,636, मोबाइल काउंटर से 14,218 एवं बीएड कॉलेज से 15,029 है. श्रावणी मेला के दौरान किसी एक दिन में निर्गत होने वाले प्रवेश कार्डों की यह अधिकतम संख्या है. इसके अतिरिक्त रविवार की शाम 5:30 से 6:00 बजे के बीच मात्र 30 मिनट में सोमवारी के लिए 10,928 प्रवेश कार्ड की अडवांस बुकिंग हुई जो 20,000 प्रवेश कार्ड प्रति घंटा से भी अधिक है.

प्रवेश कार्ड के एडवांस बुकिंग कराने वाले श्रद्धालु सोमवार को सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच जलार्पण कर सकेंगे. 10,928 प्रवेश कार्डों में से दुम्मा से 5,888, बाघमारा से 3,348, मोबाइल काउंटर से 511 और बीएड कॉलेज से 1,181 प्रवेश कार्ड निर्गत किये गये हैं.

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