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सफलता के लिहाज से वास्तु में उत्तर की दिशा है उत्तम

Updated at : 18 Jan 2020 9:41 AM (IST)
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सफलता के लिहाज से वास्तु में उत्तर की दिशा है उत्तम

सद्गुरुश्री स्वामी आनंद जी Qक्या पश्चिम की तरफ मुख करके व्यापार करने से असफलता हाथ लगती है और व्यापार डूब जाता है, क्योंकि पश्चिम तो डूबने की दिशा है? -रोहित मुंडा, रांची नहीं, बिलकुल नहीं. यह अवधारणा असत्य है. कामयाबी के लिए दिशा से ज्यादा एकाग्रचित्त होकर सतत सटीक कर्म अनिवार्य शर्त है. पश्चिम दिशा […]

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सद्गुरुश्री स्वामी आनंद जी

Qक्या पश्चिम की तरफ मुख करके व्यापार करने से असफलता हाथ लगती है और व्यापार डूब जाता है, क्योंकि पश्चिम तो डूबने की दिशा है?

-रोहित मुंडा, रांची

नहीं, बिलकुल नहीं. यह अवधारणा असत्य है. कामयाबी के लिए दिशा से ज्यादा एकाग्रचित्त होकर सतत सटीक कर्म अनिवार्य शर्त है. पश्चिम दिशा तो ऐश्वर्य की दिशा मानी जाती है. हां, धन की दिशा के साथ यह वैभव, आराम व आलस्य की भी दिशा है. इसलिए संभव है कि इस ओर मुख करने से एकाग्रता में मामूली-सी भी कमी शरीर में आलस्य भर कर परिणाम को प्रभावित कर सकती है. पर यह असफलता की दिशा हरगिज नहीं है. सफलता के लिहाज से उत्तर की दिशा उत्तम है, ऐसा वास्तु के सिद्धांत कहते हैं.

Qकनिष्ठा उंगली के नीचे अगर मकड़ी के जाले जैसी रेखाएं हों तो इसका ज्योतिष में क्या मतलब है?

मोहन अग्रवाल, मुंगेर

हस्तरेखा से संबंधित आकलन ज्योतिष का नहीं, सामुद्रिक शास्त्र का विषय है, जिसे हस्तरेखा विज्ञान भी कहा जाता है. यदि कनिष्ठिका उंगली के उद्गम स्थल पर जाल जैसा चिह्न निर्मित हो रहा हो, तो यह संतान प्राप्ति में कुछ विलंब या संतान सुख में कुछ कमी का संकेत है, ऐसा हस्तरेखा विज्ञान के नियम कहते हैं.

Qअगर हथेली रूखी-सूखी हो तो क्या यह अशुभ है?

अजय झा, गया

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिनकी हथेली शुष्क और सफेद होती है, उन्हें स्वास्थ्य को लेकर बेहद सजग रहना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोगों की सेहत बहुत बेहतर नहीं होती. इनलोगों के अंदर शारीरिक से ज्यादा मानसिक आलस्य पाया जाता है. इन्हें सदैव अपने शरीर को दुर्गंधविहीन रखने का प्रयास करना चाहिए.

Qमेरी सैलरी बहुत कम है और अभी तक मेरी शादी भी नहीं हुई है. कुछ उपाय है क्या? जन्मतिथि-19.06.1989, जन्म समय- 10.41, जन्म स्थान-पटना.

संतोष पांडेय, पटना

आपकी राशि धनु और लग्न सिंह है. आपकी राशि इस समय शनि की साढ़ेसाती के अधीन है. कम सैलरी का यह भी एक कारण है. विधाता का संकेत है कि 24 जनवरी, 2020 के पश्चात जब शनि का गृह परिवर्तन होगा तब स्थिति में सुधार होने की पूर्ण संभावना है, क्योंकि तब यह शनि की साढ़ेसाती के अंतिम चरण में प्रविष्ट होंगे. रही बात विवाह की, तो उनके विवाह का योग 26 जुलाई, 2021 के बाद प्रबल दृष्टिगोचर हो रहा है. प्रयास करते रहें. शुभ समाचार प्राप्त होगा. वृद्ध लोगों की सेवा, बुजुर्ग महिलाओं को उपहार व हर शनिवार को नारियल का जल प्रवाह लाभ प्रदान करेगा, ऐसा पारंपरिक मान्यताएं कहती हैं.

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