ज्योतिष जिज्ञासा : घर का उत्तर-पश्चिम कोना आपकी आकांक्षाओं के लिए जिम्मेदार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सद्गुरुश्री स्वामी आनंद जी

Qकौन से ग्रह फिल्म जगत में सफलता देते हैं? मेरी कुंडली में ऐसा योग है? मुझे संगीत का बहुत शौक है. जन्म तिथि- 16.09.1990, जन्म समय- 23.33, जन्म स्थान- भागलपुर.

- मान्या चंद

सही दिशा में अनवरत उचित कर्म जीवन में सफलता सुनिश्चित करते हैं. फिल्म, कला और संगीत में कामयाबी के लिए शुक्र और सूर्य मुख्य भूमिका का निर्वहन करते हैं.

अगर शुक्र केंद्र में हो, स्वग्रही हो, केंद्र या त्रिकोण में हो, तो ऐसे लोग फिल्म, कला, संगीत और साहित्य के फलक पर जगमगाते हैं और पूरे विश्व में जाने जाते हैं. यदि सूर्य पराक्रम, षष्ठ, एकादश, त्रिकोण, स्वग्रही या उच्च राशि का हो, तो ऐसे लोग जिस भी क्षेत्र में प्रयास करें, सफल रहते हैं. आपकी राशि सिंह और लग्न मिथुन है. आपका सूर्य अपनी ही राशि में एकादश भाव में विराजमान है. आपका शुक्र तो नहीं, पर सूर्य अवश्य प्रबल है. अतः आप पूर्ण लगन से जिस क्षेत्र में आगे बढ़ें, कामयाबी आपका चरण चुंबन करेगी.

Qनये घर में पति को दांपत्य जीवन के दैहिक संबंधों में कमजोरी महसूस हो रही है. क्या इसका संबंध घर के वास्तु से हो सकता है?

- नियति उपाध्याय, सिमडेगा

हां! इसके सूत्र आपके घर के वास्तु में जरूर घुले-मिले हो सकते हैं. अपने घर के उत्तर-पश्चिम कोने का सूक्ष्म विश्लेषण करें. घर का ये कोना आपके मन की आकांक्षाओं और उमंगों के लिए जिम्मेदार है. यहां किसी भी प्रकार का दोष आपके काम सुख का का बंटाधार कर सकता है.

यहां दीवार या छत पर दर्पण या कांच की मौजूदगी, गंदगी, बहुत तीव्र प्रकाश आपकी यौन आकांक्षाओं के पतन का कारक बन सकता है. इसके अलावा दक्षिण-पूर्व कोण का नीचा या दोषपूर्ण होना अथवा वहां कोई गड्ढा होना भी व्यक्तिगत रिश्तों पर चोट पहुंचाता है. यह स्थिति नपुंसक न होकर भी बेमतलब के तनावों को थोप कर नपुंसकता का आभास कराती है.

Qमेरी हथेली गुलाबी-सी रहती है. यह शुभ है या अशुभ?

-आदित्य झा, हाजीपुर

हथेली और उसकी रेखाओं का अध्ययन ज्योतिष में नहीं, सामुद्रिक शास्त्र में होता है, जिसे बोलचाल में हस्तरेखा विज्ञान भी कहा जाता है. सामुद्रिक शास्त्र में रक्त वर्ण यानी लाल रंग की हथेली को उत्तम और उसके प्रभाव को ऐश्वर्यकारक माना गया है. ऐसे लोग जीवन का पूर्ण सुख भोगते हैं. जिन हाथों में लालिमा अधिक हो, उनकी जिंदगी में संघर्ष कम होता है.

Qसूर्य अगर लग्न में हो, तो शुभ होता है या अशुभ?

राजीव रंजन, बोकारो

प्रथम भाव यानी लग्न में सूर्य हो तो ऐसे व्यक्ति भावुक होते हैं. इनके स्वभाव में नाटकीय रूप से उग्रता और मृदुता दोनों दृष्टिगोचर होती है. ऐसे लोग सुनी-सुनाई बातों पर सरलतापूर्वक यकीन नहीं करते. इनकी देह में अक्सर भारीपन आने लगता है और लचीलापन कम होने लगता है, जिससे इन्हें कभी-कभी मांसपेशियों में पीड़ा की शिकायत होती है. यह स्थिति पिता के सुख में कमी का कारक बनती है. ऐसे लोगों को श्रेय जरा देर से मिलता है.

वास्तु के नियमानुसार, गृह में दक्षिण-पूर्व कोना अग्नि का होता है. इसलिए इसे आग्नेय कोण भी कहते हैं. यहां किसी भी प्रकार से जल, जलीय पदार्थ या रंग बड़ी हानि देते हैं. इससे, आर्थिक क्षति, गृह कलह, परिवार में विघटन, यौन रोग और मानसिक आवेश जैसे कष्ट सुरसा की तरह मुंह बाये चले आते हैं.

उपाय, जो जीवन बदले : मान्यताएं कहती हैं कि यदि प्रातः सूर्योदय काल सूर्य को ताम्र पात्र से जल अर्पित करें, तो अपार मान-प्रतिष्ठा का योग निर्मित होता है. उसमें एक चुटकी कुमकुम मिला दें, तो किसी अपमान से बाहर निकलने और 24 लाल मिर्च के बीज डाल दें, तो रुके धन की वापसी का मार्ग प्रशस्त होता है.

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