बेकार सामान शुभ फलों में कमी कर तनाव में करता है इजाफा, पढ़ें सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी का ज्ञान

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं तथा मनुष्य के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक व्यवहार की गहरी पकड़ रखते हैं. आप भी इनसे अपनी समस्याओं को लेकर सवाल पूछ सकते हैं. इसके लिए आप इन समस्याओं के संबंध में लोगों के द्वारा किये गये सवाल के अंत में पता देख सकते हैं...

-हाल में मेरी शादी हुई है. पति जब मेरे पास आते हैं, तो बहुत परेशानी होती है. मुझे ये सब गलत काम लगता है. बहुत दुःखी हूं, क्या करूं?
जन्मतिथि 21.02.1996, जन्म समय-18.36, जन्म स्थान अरवल.
महिमा राय, कटिहार
आपकी राशि मीन और लग्न सिंह है. आपके सप्तम भाव में सूर्य बैठ कर जहां आपके दांपत्य जीवन पर नकारात्मक असर डाल रहा है, वहीं साथ में मंगल की युति आपको मांगलिक बना रही है. पंचम भाव यानी प्रेम भाव में बृहस्पति विराज कर आपकी यौनाकांक्षाओं को कम कर रहा है. मन का स्वामी चंद्रमा की अष्टम भाव में उपस्थिति आपको मानसिक रूप से व्याकुल और बेहद संवेदनशील बना रही है. शायद इसी वजह से आपका मन दांपत्य संबंधों की गलत व्याख्या करके उसे गलत काम समझने की भूल कर रहा है. पूर्णिमा को श्वेत वस्तु, रविवार को गुड़ व गेहूं के दान तथा शनिवार को किसी विकलांग व्यक्ति को भोजन अर्पित करने से लाभ होगा, ऐसा मान्यताएं कहती हैं. पति के मनोभाव को समझने तथा उनसे खुल कर बात करने से संबंध सुधारने में सहायता मिलेगी.

-घर में बेकार सामान कहां रखना उचित होता है?
रीना पाठक, रांची

बेकार और काम में न आनेवाले सामान शुभ फलों में कमी कर तनाव इजाफा करता है, ऐसा वास्तु के नियम कहते हैं. धार्मिक अवधारणाओं के अनुसार खराब और बिगड़े सामान लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी यानी दरिद्रता का प्रतिनिधित्व करते हैं. लिहाजा घर में बेकार सामान होने ही नहीं चाहिए. कम काम में आने वाले वस्तुओं के स्टोरेज की उपयुक्त दिशा नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम कोना. यदि यह संभव न हो, तो फिर किसी भी कमरे के दक्षिण-पश्चिम दिशा में इसे रखा जा सकता है. इसके लिए ईशान्य कोण यानी उत्तर-पूर्व के कोने का इस्तेमाल हर्गिज नहीं करना चाहिए.

-क्या मैं आइएएस बन सकती हूं?
जन्म तिथि 3.11.1999, जन्म समय 23:30, जन्म स्थान रांची है.
मानसी पांडेय, पटना

आपकी राशि सिंह और लग्न कर्क है. प्रशासनिक सेवा की प्रतियोगिता में सफलता के लिए मंगल और शुक्र मुख्य कारक ग्रह हैं. मंगल आपकी कुंडली में षष्ठ भाव में आसीन है, जो उत्तम योग निर्मित कर है, पर सूर्य आपके सुख भाव में विराज कर श्रम से बड़े लाभ का संकेत दे रहा है. हां, आपको प्रशासनिक सेवा में कामयाबी हासिल तो हो सकती है, परंतु उसके लिए दृढ़ एकाग्रता के साथ कड़ी मेहनत की दरकार होगी.

सदगुरु ज्ञान: जिस घर में जल का अपव्यय होता है, वहां आर्थिक कष्ट सुरसा की तरह मुंह उठाते हैं. जिनका स्नानघर गंदा होता है, उन्हें कई तरह की मानसिक समस्या घेर लेती है. जल तत्व को संतुलित करने के लिए नदी या समंदर के पानी से स्नान, स्पर्श और आचमन करते रहना चाहिए. किसी भी प्रकार से पानी के फिजूल खर्च से बचना चाहिए.

उपाय, जो जीवन बदले : यदि कुंडली में मंगल बुरी स्थिति में हो या मंगल शत्रु ग्रह से युक्त या दृष्ट हो, तो नियमित रूप से चींटियों को गुड़ और कुत्तों को मीठी तंदूरी रोटी अथवा मीठा बिस्किट अर्पित करते रहना चाहिए.

यदि आग्नेय कोण पर स्नानगृह हो और तोड़फोड़ करना संभव न हो, तो वहां इंटरियर में यथासंभव हरे और लाल रंग का प्रयोग करना चाहिए. बाथरूम में छोटे-छोटे पौधे रखने से नकारात्मकता में कमी होगी, ऐसा वास्तु का सिद्धांत कहता है.

यदि आपकी कोई ज्योतिषीय, आध्यात्मिक या गूढ़ जिज्ञासा हो, तो आप अपनी जन्म तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान के साथ कम-से-कम शब्दों में हमें अपना प्रश्न saddgurushri@gmail.com पर भेजें. सब्जेक्ट लाइन में 'प्रभात खबर' जरूर लिखें. चुनिंदा सवालों के जवाब प्रकाशित किये जायेंगे.

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