पड़ोसन के साथ कभी योग क्लास में गया था रांची का गरीब विक्की, अब वियतनाम में सिखा रहा योग
गरीबी के उठकर अपनी कला और मेहनत के बल पर रांची के विक्की कुमार विदेशियों को योग सिखा रहे है. ऐसे तो दुनिया भर में योग को एक अलग पहचान मिल रही है. कई अन्य देशों के लोग भारत के इस शारीरिक कला की ओर पिछले कुछ सालों में ज्यादा आकर्षित हो रहे है.
Yoga In Vietnam: गरीबी के उठकर अपनी कला और मेहनत के बल पर रांची के विक्की कुमार विदेशियों को योग सिखा रहे है. ऐसे तो दुनिया भर में योग को एक अलग पहचान मिल रही है. कई अन्य देशों के लोग भारत के इस शारीरिक कला की ओर आकर्षित हो रहे है. ऐसे में गरीबी से उठकर कड़ी मेहनत और निष्ठा के बल पर रांची के विक्की कुमार वियतनाम में लोगों को योग सिखा रहा है और दुनियाभर में योग का प्रचार-प्रसार कर रहा है. आइए, जानते है पड़ोसी के कहने पर टाइम पास के लिए योगा क्लास जॉइन करने से लेकर आज इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले विक्की कुमार की कहानी,
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विक्की कुमार किशोरगंज, रांची का रहने वाला है. घर की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से विक्की के पूरे परिवार ने गरीबी देखी है. ऐसे में उनका कहना है कि कभी नहीं सोचा था कि वो इस क्षेत्र में अपना करियर बनाऊंगा. शुरुआती दिनों को याद करते हुए विक्की ने बताया कि 10वीं की पढ़ाई के दौरान उनके पड़ोस की एक लड़की के कहने पर उन्होंने योगा क्लास जाना शुरू किये. टाइम पास के लिए वो क्लास जाते थे. लेकिन, वहां लोगों को देख उन्हें प्रेरणा मिली और इस शारीरिक कला के प्रति रुचि जगी.

ऐसे में विक्की ने करीब तीन साल तक वहां योग सिखा और इस दौरान जिलास्तरीय, राज्यस्तरीय और राष्ट्रीय स्तर के कई प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. विक्की का कहना है कि दूसरों को जब मेडल जीतकर लाते देखता था तो उससे बहुत प्रेरणा मिली कि मुझे भी ऐसा करना है. तीन साल की ट्रेनिंग के बाद विक्की ने खुद क्लास लेना शुरू कर दिया था. रांची के कई जगहों पर बच्चों को योग की शिक्षा देते थे.
विक्की ने कहा कि शुरुआत में रांची में योगा फ्री में सिखाया जाता था, लेकिन उस समय जब उन्होंने पहली बार अपने क्लास से 1500 रुपये कमाए तो घर में पूरे पैसे दे दिए. विक्की बताते है कि पहले घरवाले कहते थे कि इधर ज्यादा समय देकर फायदा नहीं है, समय की बर्बादी हो रही है. लेकिन आज उनके अंदर खुशी है कि इतनी गरीबी से निकलकर अच्छी राह पर वो चल रहे है और अब उनका सपोर्ट करते है. विक्की के पिता पहले ही चल बसे, इसलिए विदेश जाने से उनकी मां कहती है कि इतनी दूर भेजने का मन बिल्कुल भी नहीं था.
बता दें कि विक्की ने गाड़ीखाना स्कूल से आठवीं तक की पढ़ाई की है और अपनी मैट्रिक की परीक्षा मारवाड़ी 10+2 उच्च विद्यालय से दी है. साथ ही 12वीं और पोलिटिकल साइंस में स्नातक की पढ़ाई कांके स्थित एसएस मेमोरियल कॉलेज से की है. विक्की ने यह भी बताया कि उन्होंने ऋषिकेश और पतंजलि जाकर भी योग की गूढ़ चीजों को सिखा है. करीब साल भर से वहां के लोगों को योग सिखा रहे विक्की ने कहा कि यहाँ योग के प्रति लोगों में बहुत ही ज्यादा उत्साह और प्रेरणा है.
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