प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना: झारखंड के 8.66 लाख किसानों को नहीं मिल पाएगी 14वीं किस्त की राशि

भारत सरकार ने किसानों को ई-केवाईसी, डीबीटी और भूमि सत्यापन करने को कहा है. तीन-चार दिनों के अंदर पूरे देश के किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त की राशि जारी होनेवाली है. इसमें 3.5 लाख भूमि सत्यापन का मामला अटका हुआ है.
रांची, मनोज सिंह. झारखंड के करीब 8.66 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने से वंचित रह जायेंगे. इन किसानों का ई-केवाईसी, डीबीटी और भूमि का सत्यापन नहीं हो पाया है. बैंक से ई-केवाईसी नहीं हो पा रहा है. इस कारण राज्य के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त लेने से वंचित रह जायेंगे. राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लेने के लिए 31 लाख से अधिक किसान निबंधित हैं. किसानों को हरेक किस्त में दो हजार रुपये दिया जाता है.
बार-बार आग्रह के बाद भी नहीं की जा रही पहल
भारत सरकार ने किसानों को ई-केवाईसी, डीबीटी और भूमि सत्यापन करने को कहा है. तीन-चार दिनों के अंदर पूरे देश के किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त की राशि जारी होनेवाली है. इसमें केवल 3.5 लाख भूमि सत्यापन का मामला अटका हुआ है. इसके लिए जिलों को पांच दर्जन से अधिक बार पत्र लिखा गया है. कृषि विभाग बार-बार जिलों के उपायुक्तों से आग्रह कर रहा है. इसके बावजूद इस दिशा में कोई विशेष पहल नहीं हुई है.
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12.20 लाख किसानों को मिली थी 13वीं किस्त की राशि
पीएम किसान सम्मान निधि के 13वीं किस्त में राज्य के 12.20 लाख किसानों को राशि दी गयी थी. एक बार राज्य में 27 लाख से अधिक किसानों को सम्मान राशि दी गयी थी. इसके बाद भारत सरकार ने समय-समय पर जांच करनी शुरू की. कई तरह की शर्तें लागू की गयी. इसका असर हुआ कि राज्य में घटते-घटते 12.20 लाख ही योग्य लाभुक बच गये हैं. इन किसानों के बीच अब तक 4423 करोड़ रुपये से अधिक राशि भारत सरकार बांट चुकी है.
2018 में शुरू हुई है स्कीम
प्रधानमंत्री सम्मान निधि स्कीम 2018 में शुरू हुई है. इस स्कीम के तहत किसानों को खेती करने के लिए छह हजार रुपये प्रति वर्ष राशि दी जाती है. यह राशि किन किसानों को मिलेगी, इसके लिए भारत सरकार ने कई शर्तें तय की है. स्कीम का लाभ एक परिवार को मिलता है. यह राशि सीधे किसानों के खाते में जाती है. इसका लाभ चयनित जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सरकारी और पीएसयू में काम करनेवाले कर्मचारी और अधिकारियों को भी लाभ नहीं मिलता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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