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Jharkhand: 5 साल में जब्त 3.32 लाख लीटर अवैध शराब को रखने के लिए नहीं है जगह, उठ रहे कई सवाल

Updated at : 02 Nov 2022 9:45 AM (IST)
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Jharkhand: 5 साल में जब्त 3.32 लाख लीटर अवैध शराब को रखने के लिए नहीं है जगह, उठ रहे कई सवाल

पिछले पांच वर्षों के दौरान विभाग ने 3,33,198 लीटर विदेशी शराब और बीयर जब्त की है. इसमें 2,15,867 लीटर विदेशी शराब और 1,17,331 लीटर बीयर है. इस जब्त शराब को रखने के लिए उत्पाद विभाग के पास कहीं स्टोर या गोदाम नहीं है.

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Ranchi News: राज्य में हर वर्ष औसतन 50 हजार लीटर से अधिक अवैध विदेशी शराब और बीयर जब्त की जाती है. इस जब्त शराब को रखने के लिए उत्पाद विभाग के पास कहीं स्टोर या गोदाम नहीं है. राजधानी समेत राज्य के सभी जिलों में सहायक उत्पाद आयुक्त के कार्यालय में बने स्टोर या गोदाम में ही जब्त शराब रखी जाती है. पिछले पांच वर्षों के दौरान विभाग ने 3,33,198 लीटर विदेशी शराब और बीयर जब्त की है. इसमें 2,15,867 लीटर विदेशी शराब और 1,17,331 लीटर बीयर है. इतनी शराब को 750 एमएल की बोतल में रखने के लिए 4.44 लाख बोतलों से अधिक की जरूरत पड़ेगी.

अवैध शराब की 180 और 360 एमएल की बोतल भी जब्त की जाती है. यानी जब्त अवैध शराब की बोतलों की संख्या में दोगुना से अधिक हो सकती है. ऐसे में जब्त शराब को रखने के लिए उत्पाद विभाग के स्टोर या गोदाम की क्षमता संदेह उत्पन्न करती है. उत्पाद विभाग के पास मौजूद आधारभूत संरचना शराब की इतनी बड़ी मात्रा को जमा कर रखने की नहीं है.

बिहार से सटे जिलों के अलावा रांची और लोहरदगा अवैध शराब के गढ़ :

बिहार में शराबबंदी होने के बाद उससे सटे राज्य के 11 जिलों में सबसे ज्यादा अवैध शराब जब्त की जाती रही है. वहीं रांची और लोहरदगा में भी अवैध शराब का बड़ा कारोबार होता है. गढ़वा में हर साल औसतन 3,990 लीटर, हजारीबाग में 5,274 लीटर, कोडरमा में 2,366 लीटर, देवघर में 1199 लीटर, चतरा में 1074 लीटर, दुमका में 2,207 लीटर, गोड्डा में 12,578 लीटर, गिरिडीह में 3,822 लीटर व साहिबगंज में 1385 लीटर अवैध शराब पकड़ी जाती है. वहीं, रांची में औसतन हर वर्ष 6,315 लीटर और लोहरदगा में 7,540 लीटर अवैध शराब पकड़ी जाती है.

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पांच वर्षों में एक बार भी नष्ट नहीं की गयी है अवैध शराब

नियमानुसार, जब्त की गयी अवैध शराब न्यायालय के आदेश के बाद ही नष्ट की जाती है. तब तक उत्पाद विभाग अवैध शराब को अपने कब्जे में रखता है. पुलिस द्वारा अवैध शराब जब्त करने के बाद उसे उत्पाद विभाग को जांच के लिए भेजा जाता है. कई बार पुलिस मामला दर्ज करने और जब्ती सूची तैयार कर अवैध शराब को उत्पाद विभाग के जिम्मे लगा देती है.

वहीं, कई बार जब्त शराब पुलिस के कब्जे में भी रहती है, लेकिन जब्ती सूची उत्पाद विभाग को भेज दी जाती है. न्यायालय विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर शराब नष्ट करने का फैसला देता है. उल्लेखनीय है कि गुजरे पांच साल में उत्पाद विभाग ने एक बार भी अवैध शराब नष्ट नहीं की है. इधर, 2018-19 से लेकर अब तक 30 लाख लीटर से अधिक जावा महुआ और अवैध चुलाई शराब भी जब्त की गयी है. हालांकि, विभाग के सूत्र बताते हैं कि जावा महुआ और अवैध चुलाई शराब पकड़ते समय ही भट्ठी तोड़ दी जाती है.

पुलिस और उत्पाद अधिकारियों पर बोतल गायब करने का आरोप

राज्य में अवैध शराब पकड़ने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से उसे गायब करने और बोतलों में हेराफेरी करने के मामले भी सामने आये हैं. पलामू में पुलिस जवानों द्वारा शराब की पेटी गायब करने और जब्त की गयी अवैध शराब को बदलने की शिकायत दर्ज की जा चुकी है. खूंटी, लोहरदगा व बोकारो में भी जब्त की गयी अवैध शराब की हेराफेरी की शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं.

किस वर्ष, कितनी शराब और बीयर हुईं जब्त

वर्ष जब्त विदेशी शराब जब्त बीयर

2018-19 4,716 लीटर 1,02,751 लीटर

2019-20 84,892 लीटर 4,623 लीटर

2020-21 36,910 लीटर 2,852 लीटर

2021-22 47,133 लीटर 2,788 लीटर

2022-23(सितंबर तक) 42,216 लीटर

रिपोर्ट : विवेक चंद्र

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