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जमीन घोटाला: रांची के पूर्व डीसी छवि को लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने किया अरेस्ट, स्वास्थ्य सामान्य

Updated at : 04 May 2023 11:38 PM (IST)
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जमीन घोटाला: रांची के पूर्व डीसी छवि को लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने किया अरेस्ट, स्वास्थ्य सामान्य

रांची: जमीन घोटाला मामले में आईएएस अधिकारी छवि रंजन से गुरुवार को ईडी के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की. इसके बाद अरेस्ट कर लिया. आपको बता दें कि ईडी ने दस्तावेज में हेराफेरी कर सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद-बिक्री के सिलसिले में 13 अप्रैल को छविरंजन सहित 18 लोगों के 21 ठिकानों पर छापा मारा था.

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रांची: जमीन घोटाले में आईएएस अधिकारी छवि रंजन से गुरुवार को ईडी के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की. इसके बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में रांची के पूर्व डीसी व समाज कल्याण विभाग के निदेशक छवि रंजन से करीब 10 घंटे पूछताछ की गयी. इसके बाद उन्हें रात करीब 9:55 बजे गिरफ्तार कर लिया गया. ईडी के निर्देश पर ये पूछताछ के लिए आज ऑफिस में हाजिर हुए थे. आपको बता दें कि ईडी ने दस्तावेज में हेराफेरी कर सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद-बिक्री के सिलसिले में 13 अप्रैल को छविरंजन सहित 18 लोगों के 21 ठिकानों पर छापा मारा था. इसके बाद इन्हें 21 अप्रैल को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया था. तीसरे समन पर ये पहली बार 24 अप्रैल को ईडी ऑफिस में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए थे. इसके बाद आज दूसरी बार वे पूछताछ के लिए ईडी ऑफिस हाजिर हुए थे. मेडिकल चेकअप के बाद डॉक्टर ने बताया कि उनका स्वास्थ्य सामान्य है.

रांची के तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन ने अपने कार्यकाल के दौरान हेहल अंचल के बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन की 82 साल पहले से चली आ रही जमाबंदी को रद्द करने का आदेश दिया था. अंचल अधिकारी द्वारा तैयार सादा पंचनामा को सही करार देते हुए विनोद सिंह के नाम पर म्यूटेशन करने का आदेश दिया था. इसके बाद विनोद सिंह से जमीन खरीदनेवालों के आवेदन पर 150 पुलिस जवानों को तैनात कर जमीन की घेराबंदी करवा दी. इस मामले में तत्कालीन आयुक्त ने सरकार से उपायुक्त सहित जालसाजी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी. हालांकि सरकार ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. आज गुरुवार को छवि रंजन के अधिवक्ता अभिषेक रंजन उनसे मिलने ईडी ऑफिस पहुंचे. इस दौरान पूछे जाने पर उन्होंने गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की.

बजरा स्थित इस जमीन में जालसाजी की शिकायत मिलने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तत्कालीन आयुक्त को मामले की जांच का आदेश दिया था. सरकार के आदेश के आलोक में प्रमंडलीय आयुक्त ने उपायुक्त से दस्तावेज की मांग की, लेकिन उपायुक्त कार्यालय ने एक महीने तक दस्तावेज नहीं दिया. इस स्थिति को देखते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने उपायुक्त के नाम से अर्द्ध सरकारी पत्र जारी कर दस्तावेज की मांग की.

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उपायुक्त ने जांच के लिए दस्तावेज प्रमंडलीय आयुक्त को भेजा था. प्रमंडलीय आयुक्त ने जांच में पाया कि हेहल अंचल के बजरा मौजा के खाता नंबर 140 का प्लॉट नंबर 1323, 1324, 1333, 134, 1338 की जमीन खतियान में सीता राम साहू, ठाकुर दयाल साहू व अन्य के नाम पर दर्ज है. जमशेदपुर निवासी विनोद सिंह ने इस जमीन के म्यूटेशन अपने नाम पर करने के लिए अंचल अधिकारी (सीओ) के यहां म्यूटेशन केस (1214R-27/2015-16) दायर किया. अंचल अधिकारी ने जमीन पर दखल कब्जा नहीं होने के आधार पर म्यूटेशन केस रद्द कर दिया. इसके बाद विनोद सिंह की ओर से भूमि सुधार उपसमाहर्ता की अदालत में म्यूटेशन अपील (139R-15/2015-16 )दायर किया गया. सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उपसमाहर्ता ने जिला अवर निबंधक से जमीन के सिलसिले में रिपोर्ट मांगी. अवर निबंधक ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेज में छेड़छाड़ करने से संबंधित रिपोर्ट भेजी.

अपनी रिपोर्ट में लिखा कि डीड नंबर 255,जिल्द संख्या-छह, पृष्ठ संख्या 133-134 वर्ष 1938 में छेड़छाड़ की गयी है. अत: दस्तावेज का सत्यापन नहीं किया जा सकता है. इस रिपोर्ट के आधार पर भूमि सुधार उप समाहर्ता ने भी म्यूटेशन अपील रद्द कर दी. इसके बाद विनोद कुमार ने उपायुक्त छवि रंजन के कोर्ट में म्यूटेशन अपील( 24R-15/2018-19) दायर किया. सुनवाई के दौरान विपक्ष की ओर से दस्तावेज में जालसाजी करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और समय सीमा समाप्त होने के बाद अपील दायर करने का मामला उठाया गया, लेकिन उपायुक्त ने इस नजरअंदाज करते हुए अंचल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी. अंचल अधिकारी ने मार्च 2016 का बना हुआ एक पंचनामा उपायुक्त को भेजा. इस पंचनामा में यह लिखा था कि विनोद सिंह व अन्य का संबंधित जमीन पर दखल कब्जा है. प्रमंडलीय आयुक्त ने जांच के दौरान पंचनामा पर हस्ताक्षर करनेवालों की तलाश की, लेकिन पंचनामा पर दस्तखत करनेवाले सभी फर्जी पाये गये. उपायुक्त ने इस फर्जी पंचनामा को सही मानते हुए 25 फरवरी 2021 को आदेश पारित किया .

आईएएस छवि रंजन की गिरफ्तारी की कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी पत्नी ईडी ऑफिस से बाहर निकलीं.

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रांची के पूर्व डीसी व समाज कल्याण विभाग के निदेशक छवि रंजन को ईडी ने रात 10 बजे अरेस्ट कर लिया. इधर, उनके अधिवक्ता अभिषेक रंजन उनसे मिलने ईडी ऑफिस पहुंचे. छवि रंजन की गिरफ्तारी पर उनके अधिवक्ता से पूछा गया तो देखिए उन्होंने क्या जवाब दिया. गिरफ्तारी के बाद उनके स्वास्थ्य की जांच की गयी. डॉक्टर ने बताया कि उनका स्वास्थ्य नॉर्मल है.

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