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Jharkhand: विधायक कैश कांड में भी ED ने दर्ज की प्राथमिकी, अनूप सिंह द्वारा दर्ज FIR को ही बनाया आधार

Updated at : 10 Nov 2022 6:20 AM (IST)
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Jharkhand: विधायक कैश कांड में भी ED ने दर्ज की प्राथमिकी, अनूप सिंह द्वारा दर्ज FIR को ही बनाया आधार

इडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को गिराने के उद्देश्य से विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में मनी लाउंड्रिंग की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

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प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को गिराने के उद्देश्य से विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में मनी लाउंड्रिंग की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज कर ली है. फिलहाल इसमें कांग्रेस के तीन विधायकों डॉक्टर इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.

इन तीनों विधायकों को कोलकाता पुलिस ने एनएच-16 पर रानीहाटी के पास 45 लाख रुपये के साथ 30 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था. बाद में इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता सीआइडी को ट्रांसफर कर दी थी.

तीनों विधायकों के खिलाफ झारखंड के कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में जीरो एफआइआर दर्ज करायी थी, जिसे रांची पुलिस ने कोलकाता पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था. इडी ने इसे ही अपनी प्रथमिकी का आधार बनाया है. इडी द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी में कहा गया है कि अनूप सिंह ने यह शिकायत की थी कि विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप उसे फोन कर हेमंत सरकार को गिराने में शामिल होने के लिए लालच दे रहे हैं.

तीनों विधायक उसे कोलकाता बुला रहे हैं और 10 करोड़ रुपये देने का वायदा कर रहे हैं. डॉक्टर इरफान अंसारी और राजेश कच्छप कोलकाता बुला कर गुवाहाटी ले जाना चाहते हैं. वह हिमंता बिश्वा शर्मा से मिलाना चाहते हैं. श्री बिश्वा शर्मा उसे नयी सरकार में मंत्री बनाने का भी आश्वासन देंगे. इरफान अंसारी ने अनूप को यह भी कहा कि उसे स्वास्थ्य मंत्री बनाने का आश्वासन दिया जा चुका है. इरफान ने कहा कि वह दोपहर में कोलकाता पहुंच रहे हैं.

इरफान ने यह भी कहा कि उससे संबंधित लोगों के लिए पैसे मिल चुके हैं. अनूप के गुवाहाटी पहुंचने और असम के मुख्यमंत्री के समक्ष वायदा करने के बाद उसका पैसा भी मिल जायेगा. अनूप को यह भी बताया गया कि असम के सीएम यह काम दिल्ली में बैठे भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की इच्छानुसार कर रहे हैं.

अनूप के अनुसार तब उन्होंने कहा था कि वह चुनी हुई संवैधानिक सरकार को गिराने के असंवैधानिक काम में शामिल नहीं होना चाहते हैं. इसलिए वह इस बात की सूचना दे रहे हैं, ताकि टोकन मनी लेकर कोलकाता में बैठे विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. शिकायत में संबंधित विधायकों के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिमियम की धारा 7 (सी) सहित दूसरी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करें.

जीरो एफआइआर दर्ज करायी थी अनूप सिंह ने

कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने कैश कांड को लेकर अरगोड़ा थाने में जीरो एफआइआर दर्ज करायी थी. इसमें कहा गया है कि कोलकाता में पकड़े गये विधायकों ने 10-10 करोड़ रुपये दिलाने का ऑफर दिया था. इसी जीरो एफआइआर के आधार पर पूरे मामले की जांच पश्चिम बंगाल सरकार ने सीआइडी को सौंप दी थी. इस मामले में विधायक अनूप सिंह से कोलकाता सीआइडी की टीम पूछताछ कर चुकी है. कोलाकाता सीआइडी की टीम इसकी जांच के क्रम में असम भी जा चुकी है.

गिरफ्तारी के बाद इन तीनों विधायकों के खिलाफ स्पीकर कोर्ट में चल रहा है दलबदल का मामला

कोलकाता कैश कांड में फंसे तीनों विधायकों के खिलाफ स्पीकर रबींद्रनाथ महतो के कोर्ट में दलबदल का मामला भी चल रहा है. विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को भूषण बाड़ा, शिल्पी नेहा तिर्की ने लिख कर शिकायत की थी कि विधायकों ने भाजपा के पक्ष में आने के लिए इनसे भी संपर्क किया था. भाजपा में शामिल होने के एवज में पैसे का ऑफर दिया था. इन विधायकों की शिकायत पर आलमगीर आलम ने स्पीकर से आरोपी विधायकों के खिलाफ दलबदल का मामला चलाने का आग्रह किया. फिलहाल स्पीकर इसकी सुनवाई कर रहे हैं.

कब, क्या-क्या हुआ

30 जुलाई को विधायक इरफान अंसारी, विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप कोलकाता पुलिस की विशेष जांच अभियान में नकद राशि के साथ पकड़े गये. इनकी गाड़ी से कोलकाता पुलिस ने 49 लाख 37 हजार और 300 रुपये की बरामदगी दिखायी. इनके दो सहयोगी भी गिरफ्तार हुए़

कोलकाता पुलिस ने धारा 420, 120 बी, 171ई के तहत मामला दर्ज किया़ और 31 जुलाई को विधायकों को विशेष सीजीएम कोर्ट में पेश कर 10 दिनों की हिरासत में रखने का ओदश लिया़

31 जुलाई को ही विधायक अनूप सिंह ने अरगोड़ा थाना में जीरो एफआइआर दर्ज करायी. इसी को रांची पुलिस ने कोलकाता पुलिस को भेज दिया.

तीनों विधायकों को कांग्रेस आलाकमान ने निलंबित किया और दलबदल के मामले भी दर्ज हुए़.

मामले में सुनवाई के बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने इन विधायकों को इस शर्त पर जमानत दी कि वे कोलकाता में ही रहेंगे. फिलहाल तीनों विधायक कोलकाता में ही हैं.

रिपोर्ट- शकील अख्तर

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